आपूर्ति की जटिलता से हल्दी के दाम में तेजी का माहौल
23-Dec-2025 04:02 PM
निजामाबाद। प्रमुख उत्पादक इलाकों में बेमौसमी वर्षा से फसल को हुई क्षति के कारण आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल होने की आशंका से हल्दी का भाव तेज होने लगा है। पिछले एक माह के दौरान इसमें 16 प्रतिशत की भारी बढ़ोत्तरी हो चुकी है। अगले महीने (जनवरी) से हल्दी की नई फसल की आवक शुरू होने लगी है।
हालांकि ऊंचे दाम पर मांग कुछ कमजोर पड़ गई है। लेकिन बाजार भाव पर इसका कोई विशेष असर नहीं देखा जा रहा है।
हाजिर बाजार में तेजी का प्रभाव वायदा पर भी पड़ने लगा है और हाल के दिनों में वहां कीमतों में अच्छी तेजी आई है। पिछले दिन एनसीडीईएक्स में सर्वाधिक सक्रिय माह अप्रैल के अनुबंध हेतु हल्दी का वायदा भाव गत माह की तुलना में 16 प्रतिशत उछलकर 16,230 रुपए प्रति क्विंटल (100 किलो) पर पहुंच गया।
इधर निजामाबाद मंडी में हल्दी का औसत हाजिर बाजार भाव बढ़कर 15,500-15,700 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है जो नवम्बर के औसत मूल्य 12,900 रुपए प्रति क्विंटल से काफी ऊंचा है। नए माल की आवक शुरू होने से पूर्व कीमतों में आई तेजी से किसानों को राहत मिल रही है। अगले कुछ दिनों तक बाजार मजबूत रहने की उम्मीद है।
बेमौसमी वर्षा और खासकर अक्टूबर में हुई असामयिक बारिश से आंध्र प्रदेश तेलंगाना और तमिलनाडु में हल्दी की फसल क्षतिग्रस्त हो गई। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के कारण आंध्र प्रदेश में लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी की फसल प्रभावित हुई
और तेलंगाना में भी लगभग इतने ही क्षेत्रफल में फसल को नुकसान हुआ। इससे 2025-26 के सीजन में उत्पादन घटने की आशंका है। केन्द्र सरकार के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार 2024-25 सीजन के दौरान हल्दी का घरेलू उत्पादन बढ़कर 12 लाख टन के आसपास पहुंच गया
जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 10.40 लाख टन से काफी अधिक है। 2025-26 के मौजूदा सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर हल्दी का बिजाई क्षेत्र करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 3.02 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि इसका कुल उत्पादन 11.40 लाख टन के करीब होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कीमतों में जनवरी 2026 तक मजबूती का माहौल रह सकता है।
