आरम्भिक स्टॉक कम रहने से गेहूं की वैश्विक आपूर्ति के अनुमान में कटौती

14-Jul-2025 12:09 PM

नई दिल्ली। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने 2025-26 सीजन के लिए गेहूं की वैश्विक आपूर्ति का अनुमान 4 लाख टन घटाकर अब 1.07 अरब टन निर्धारित किया है जिसका कदम बकाया स्टॉक एवं उत्पादन में कुछ कमी आना बताया जा रहा है। उस्डा की जुलाई रिपोर्ट में कनाडा, यूक्रेन एवं ईरान में गेहूं का उत्पादन घटने तथा कजाकिस्तान, यूरोपियन संघ, रूस तथा पाकिस्तान से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। 

जून की तुलना में जुलाई की रिपोर्ट में 2025-26 सीजन के दौरान गेहूं की वैश्विक आपूर्ति, कारोबार एवं अंतिम बकाया स्टॉक घटने तथा मांग एवं खपत बढ़ाने की संभावना व्यक्त की गई है।  रिपोर्ट के अनुसार एवं अंतिम बकाया स्टॉक घटने तथा मांग एवं खपत बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है। रिपोर्ट के अनुसार गेहूं की वैश्विक खपत 8 लाख टन की वृद्धि के साथ 81.06 करोड़ टन पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके तहत खासकर कजाकिस्तान एवं थाईलैंड में शीड निर्माण में गेहूं का उपयोग बढ़ सकता है। दूसरी ओर गेहूं के वैश्विक व्यापार का अनुमान 13 लाख टन घटाकर 21.31 करोड़ टन निर्धारित किया गया है इसके अंतर्गत यूरोपीय संघ तथा यूक्रेन से गेहूं का निर्यात घटने की संभावना व्यक्त की गई है जबकि रूस तथा अमरीका से शिपमेंट में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद जताई गई है। 

उस्डा की रिपोर्ट में 2025-26 के मार्केटिंग सीजन की समाप्ति पर गेहूं का वैश्विक बकाया स्टॉक घटकर 26.15 करोड़ टन रह जाने का अनुमान लगाया गया है जो जून माह के अनुमान से 12 लाख टन कम है कनाडा तथा यूरोपीय संघ के बकाया स्टॉक का अनुमान घटाया गया है। 

जहां तक भारत का सवाल है तो उस्डा ने गेहूं का उत्पादन अनमन 1175 लाख टन के पुराने स्तर पर ही बरकरार रखा है लेकिन घरेलू खपत का अनुमान 5 लाख टन बढ़कर 170 लाख टन पर पहुंच जाने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि भारत से गेहूं के निर्यात पर वर्ष 2022 से ही प्रतिबंध लगा हुआ है जबकि विदेशो से इसके आयात पर भी 40 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू है। इसके फलस्वरूप भारत गेहूं के वैश्विक बाजार से अभी काफी हद तक दूर है।