केन्द्रीय पूल में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
14-Apr-2026 01:47 PM
नई दिल्ली। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 1 अप्रैल 2026 को केन्द्रीय पूल में 222 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद था जो 1 मार्च 2026 को उपलब्ध स्टॉक 236.22 लाख टन से कुछ कम लेकिन 1 अप्रैल 2025 को मौजूद स्टॉक 117.98 लाख टन एवं 1 अप्रैल 2024 को उपलब्ध स्टॉक 75.02 लाख टन से काफी अधिक था। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं में आपूर्ति के लिए नियमित निकासी होने तथा मार्च में खरीद की गति अत्यन्त धीमी रहने से अप्रैल के आरंभ में गेहूं का सरकारी स्टॉक करीब 14 लाख टन घट गया जो स्वाभाविक ही था।
उद्योग-व्यापार समीक्षकों के अनुसार केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने 2026 के वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन (अप्रैल-जून) के लिए 303.37 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है और यदि यह हासिल हो जाता है तो सरकारी गेहूं की कुल उपलब्धता 525 लाख टन पर पहुंच जाएगी जो घरेलू मांग एवं खपत से बहुत ज्यादा है।
व्हीट प्रोडक्शन प्रोमोशन सोसायटी के चेयरमैन का कहना है कि इस वर्ष सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों में राशन कार्ड धारकों के बीच वितरण के लिए दो-तीन माह का गेहूं का कोटा एक ही आवंटित कर दिया है ताकि नए गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए गोदामों में जगह खाली हो सके। अप्रैल-जून के दौरान केन्द्रीय पूल में कम से कम 75 लाख टन गेहूं का स्टॉक अवश्य मौजूद होना चाहिए जबकि इस बार का स्टॉक उस न्यूनतम स्तर से काफी ऊंचा है। इस न्यूतनम स्टॉक में 44.60 लाख टन संचालनीय भंडार तथा 30 लाख टन रिजर्व स्टॉक शामिल होता है।
मौसम साफ होने से प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं फसल की कटाई-तैयारी की गति तेज होने लगी है। पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में इसकी सरकारी खरीद की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। थोक मंडियों में गेहूं का भाव एमएसपी से नीचे आ गया है।
