आठ महीनों में 103 लाख टन से अधिक खाद्य तेलों का आयात

14-Jul-2026 05:39 PM

मुम्बई। खाद्य तेलों का आयात 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) में बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने की संभावना है। यद्यपि जून में आयात काफी घट गया लेकिन सीजन के शुरुआती आठ महीनों के दौरान इसमें काफी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 

एक अग्रणी उद्योग संगठन- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार नवम्बर 2025 से जून 2026 के आठ महीनों में खाद्य तेलों का सकल आयात बढ़कर 103.88 लाख टन के करीब पहुंच गया जो 2024-25 के मार्केटिंग सीजन की समान अवधि के आयात 97.29 लाख टन से काफी अधिक रहा। 

समीक्षाधीन सीजन के दौरान यद्यपि खाद्य तेलों का आयात नवम्बर में 16.14 लाख टन से घटकर 12.05 लाख टन तथा जून में 15.98 लाख टन से लुढ़ककर 11.12 लाख टन पर अटक गया लेकिन दिसम्बर में 12.30 लाख टन से बढ़कर 14.10 लाख टन, जनवरी में 10.78 लाख टन से उछलकर 13.73 लाख टन, फरवरी में 9.64 लाख टन से उछलकर 13.47 लाख टन, मार्च में 10.45 लाख टन से बढ़कर 12.36 लाख टन, अप्रैल में 9.46 लाख टन से उछलकर 13.67 लाख टन और मई में 12.55 लाख टन से सुधरकर 13.39 टन पर पहुंच गया। 

हालांकि इन आठ महीनों में रिफाइंड खाद्य तेल (मुख्यतः आरबीडी पामोलीन) का आयात 15 लाख टन से लुढ़ककर 3.69 लाख टन पर अटक गया। लेकिन क्रूड खाद्य तेलों का आयात 82.29 लाख टन से उछलकर 100.19 लाख टन पर पहुंच गया। इसके फलस्वरूप सकल खाद्य तेल के आयात में रिफाइंड तेल की भागीदारी 15 प्रतिशत से घटकर 4 प्रतिशत रह गई जबकि क्रूड खाद्य तेलों की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत पर पहुंच गई। इसमें नेपाल से आयातित तेल शामिल नहीं हैं। 

2024-25 सीजन की तुलना में 2025-26 सीजन के आरंभिक 8 महीनों (नवम्बर-जून) के दौरान पाम संवर्ग के क्रूड एवं रिफाइंड खाद्य तेलों का आयात 42.94 लाख टन से उछलकर 50.12 लाख टन पर पहुंचा जबकि सॉफ्ट तेलों का आयात 54.35 लाख टन से फिसलकर 53.76 लाख टन रह गया। 

सॉफ्ट तेलों में सोयाबीन तेल का आयात 34.95 लाख टन से घटकर 32.74 लाख टन पर अटक गया मगर सूरजमुखी तेल का आयात 19.37 लाख टन से बढ़कर 20.94 लाख टन तथा रेपसीड तेल का आयात 3550 टन से उछलकर 8081 टन पर पहुंच गया।