कपास के रकबे में 15 प्रतिशत से अधिक की गिरावट
14-Jul-2026 04:33 PM
नई दिल्ली। हालांकि मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कपास के कुल उत्पादन क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले 5-7 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया जा रहा था मगर इसके विपरीत अभी तक क्षेत्रफल में भारी गिरावट का सिलसिला कायम है। उत्तरी राज्यों में बिजाई की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और तीनों प्रांतों- पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान में रकबा घट गया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार चालू खरीफ सीजन में 10 जुलाई 2026 तक राष्ट्रीय स्तर पर कपास का सकल उत्पादन क्षेत्र 79.54 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की इसी अवधि के बिजाई क्षेत्र 93.95 लाख हेक्टेयर से 14.41 लाख हेक्टेयर या 15.33 प्रतिशत कम है।
इस वर्ष कपास का सामान्य औसत क्षेत्रफल 125.51 लाख हेक्टेयर आंका गया है जिसके मुकाबले वास्तविक रकबा अभी बहुत पीछे है। गुजरात कपास का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य माना जाता है मगर वहां इस महत्वपूर्ण रेशेदार औद्योगिक फसल का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 18.57 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 16.75 लाख हेक्टेयर रह गया है। आगे कपास की बिजाई की गति धीमी रहने की संभावना है।
