आंधी-वर्षा से 9 राज्यों के 111 जिलों में गेहूं की फसल प्रभावित
09-Apr-2026 11:52 AM
नई दिल्ली। मध्य मार्च के बाद से ही देश के उत्तरी मध्यवर्ती एवं पश्चिमोत्तर भाग में रबी फसलों और खासकर गेहूं के लिए मौसम प्रतिकूल होने लगा था। तेज हवा के प्रवाह के साथ बेमौसमी वर्षा एवं ओलावृष्टि होने से गेहूं की फसल को नुकसान होने की खबर है।
रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्य्क्ष नवनीत चितलांगिया के अनुसार देश के 9 राज्यों में गेहूं की पैदावार एवं खरीद बड़े पैमाने पर होती है जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, गुजरात, उत्तराखंड एवं जम्मू कश्मीर शामिल है। इन 9 राज्यों के करीब 111 जिलों में आंधी-वर्षा से गेहूं की फसल प्रभावित होने की सूचना मिली है। ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में गेहूं की पैदावार 10-20 प्रतिशत तक घटने की संभावना है।
फेडरेशन के अध्यक्ष का कहना है कि इस बार गेहूं के दाने की क्वालिटी पर विशेष प्रतिकूल असर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में 25-30 प्रतिशत तक दाने बदरंग या चमकहीन होने की आशंका है जिसका बाजार भाव नीचे रह सकता है। इससे अच्छी क्वालिटी के गेहूं की मांग मजबूत रह सकती है।
घरेलू उद्योग-व्यापार क्षेत्र ने पहले 2025-26 के रबी सीजन में 1150 लाख टन गेहूं के उत्पादन का अनुमान लगाया था मगर अब यह घटकर 1130 लाख टन के करीब रह जाने की संभावना है। गेहूं का थोक मंडी भाव फिलहाल 2300-2400 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है और उद्योग-व्यापार क्षेत्र इसकी खरीद भी कर रहा है।
जहां तक गेहूं के निर्यात का सवाल है तो वर्तमान मूल्य स्तर पर बांग्ला देश में इसका 'पड़ता' बैठ सकता है। यदि मंडी भाव गिरकर 2250-2300 रुपए प्रति क्विंटल पर आ जाए तो अन्य देशों को भी इसका शिपमेंट संभव हो सकता है। गेहूं उत्पादों के साथ भी कुछ ऐसा ही समीकरण है।
