आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल गत वर्ष से आगे

05-Sep-2025 06:22 PM

हैदराबाद। दक्षिण भारत के दो महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्य- आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में इस बार शुरुआती चरण के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की हालत अच्छी नहीं रही और पर्याप्त वर्षा के अभाव में खरीफ फसलों की बिजाई की गति धीमी रही।

लेकिन मानसून की लेट बारिश से हालत काफी हद तक संभल गई और बिजाई के लिए पहले से ही तैयार किसानों को जब अच्छी वर्षा का सहारा मिला तब उन्होंने खासकर, धान और मक्का का क्षेत्रफल बढ़ाने का जोरदार प्रयास किया जिसमें उन्हें अच्छी सफलता भी हासिल हुई। 

उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान 3 सितम्बर तक खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र तेलंगाना में 117.68 लाख एकड़ से उछलकर 127.13 लाख एकड़ तथा आंध्र प्रदेश में 22.48 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 23.74 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। दोनों राज्यों में कहीं-कहीं बिजाई अभी जारी है। 

आंध्र प्रदेश में आधे से अधिक क्षेत्रफल में सिर्फ धान की खेती हुई है और इसका उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 11.36 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 12.97 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।

इसी तरह मक्का का बिजाई क्षेत्र 1.11 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.43 लाख हेक्टेयर, तुवर का क्षेत्रफल 2.06 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.23 लाख हेक्टेयर तथा कपास का क्षेत्रफल या तो पिछले साल के बराबर या इससे कम है। इसमें मूंगफली भी शामिल है। 

जहां तक तेलंगाना का सवाल है तो वहां भी धान का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 55.67 लाख एकड़ से उछलकर इस बार 62.28 लाख एकड़, मक्का का बिजाई क्षेत्र 5.06 लाख एकड़ से बढ़कर 6.28 लाख एकड़ तथा कपास का क्षेत्रफल 42.91 लाख एकड़ से बढ़कर 45.47 लाख एकड़ पर पहुंच गया है।

तुवर का रकबा भी 4.74 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 4.79 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 3.78 लाख एकड़ से गिरकर 3.62 लाख एकड़ पर अटक गया।