आंध्र प्रदेश में मक्का सहित 11 कृषि जिंसों के उत्पादन संवर्धन पर जोर

14-Apr-2025 07:47 PM

विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश सरकार ने विकास इंजन के तौर पर 11 प्रमुख कृषि जींस के उत्पादन संवर्धन के लिए एक व्यापक योजना की शुरुआत की है जिसका उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना, विभिन्न फसलों की पैदावार में समरूपता लाना और औसत उपज दर में बढ़ोत्तरी करना है।

हाल ही में आंध्र प्रदेश के कृषि मंत्री द्वारा राज्य विधानसभा में कृषि बजट प्रस्तुत किया गया और उसमें उपरोक्त उपायों की घोषणा की गई थी। सरकार ने 'स्वर्ण आंध्र- 2047 विजन' के तहत समेकित प्रयास शुरू किया है जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक राज्य की अर्थ व्यवस्था को बढ़ाकर 2.40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। 

कृषि उत्पादन में 15 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोत्तरी का लक्ष्य नियत किया गया है और इसे हासिल करने के लिए सभी आधारों को मजबूत बनाने का प्रयास करने का प्लान है। जिन खास एवं चुनिंदा फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा

उसमें धान, मक्का, ज्वार एवं बाजरा जैसे अनाज, उड़द, तुवर एवं चना जैसे दलहन तथा मूंगफली एवं तिल जैसे तिलहनों के अलावा कपास एवं तम्बाकू शामिल हैं। एथनॉल निर्माण में मक्का के तेजी से बढ़ते उपयोग को देखते हुए इसका उत्पादन बढ़ाना किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

कृषि विभाग के वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ये 11 फसलें बहुउद्देश्यीय उपयोग वाली है। सामान्य मानवीय खाद्य उद्देश्य में परम्परागत रूप से इसका भारी इस्तेमाल होता रहा है

और पशु आहार तथा पॉल्ट्री फीड के निर्माण में भी इसका प्रयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। अब जैव- ईंधन (बायो फ्यूल) के निर्माण में खासकर मक्का एवं चावल का भारी उपयोग होने लगा है।