आयात में बढ़ोत्तरी पर नजर रखने हेतु इंपोर्ट मॉनिटरिंग ग्रुप का गठन
08-Apr-2025 03:18 PM
नई दिल्ली। अमरीका की नई टैरिफ नीति से प्रभावित और परेशान अनेक देश भारत के विशाल बाजार में अपने उत्पादों का निर्यात बढ़ाने का जोरदार प्रयास कर सकते हैं। इससे भारत में अनेक उत्पादों के आयात में भारी वृद्धि होने की अशंका है।
इस पर नजर और नियंत्रण रखने के लिए केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने एक आयात निगरानी समूह (इम्पोर्ट मॉनिटरिंग ग्रुप या आईएमजी) का गठन किया है।
भारत में आयात के मोर्चे पर सबसे ज्यादा खतरा चीन से है। अमरीका ने चाइनीज उत्पादों पर 34 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाया तो बदले में चीन ने भी अमरीकी उत्पादों पर इतना ही टैक्स लगा दिया।
अमरीकी राष्ट्रपति ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 8 अप्रैल तक अमरीकी उत्पादों पर लगाए गए इस टैक्स को नहीं हटाया गया तो 9 अप्रैल को अमरीका चाइनीज उत्पादों पर 50 प्रतिशत का अतिरिक्त सीमा शुल्क लागू कर देगा।
यदि ऐसा हुआ तो चीन वैकल्पिक बाजारों में आक्रामक ढंग से सक्रिय होने का प्रयास करेगा और उसका पहला निशाना भारत और दूसरा टारगेट अफ्रीकी देश हो सकता है।
भारत सरकार इस हकीकत से पूरी तरह वाकिफ है और इसलिए चाइनीज आयात को सीमित रखने के लिए एहतियाती कदम उठा रही है।
वियतनाम से भारत में काजू, कालीमिर्च एवं कॉफी आदि का आयात बढ़ने की आशंका है क्योंकि अमरीका ने इस पर 46 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगा दिया है।
इसी तरह जिन अन्य देशों के सामानों पर अमरीका में ऊंचे स्तर का सीमा शुल्क लगाया गया है उसे भारत की तरफ धकेलने का प्रयास हो सकता है। भारत सरकार अनैच्छिक एवं अनावश्यक आयात को रोकने का हर संभव प्रयास करेगी।
इम्पोर्ट मॉनिटरिंग ग्रुप में वाणिज्य एवं राजस्व विभाग के अधिकारी, उद्योग संवर्धन तथा आंतरिक व्यापार विभाग के अधिकारी सम्मिलित होंगे। इस ग्रुप द्वारा विभिन्न उत्पादों के साथ सम्बद्ध मंत्रालयों से सम्पर्क बनाया जाएगा।
जिन उत्पादों के आयात में भारी वृद्धि होगी, उससे सम्बन्धित मंत्रालय को आवश्यक कदम उठाने का सुझाव दिया जाएगा। आयात में होने वाली बढ़ोत्तरी का स्पष्ट संकेत जून-जुलाई में ही सामने आएगा।
अमरीका में रेसिप्रोकल टैरिफ का पहला चरण लागू हो चुका है जबकि दूसरा चरण 10 अप्रैल से प्रभावी होने की संभावना है।
