पंजाब में भी गेहूं खरीद के लिए गुणवत्ता मानकों में ढील
20-Apr-2026 11:38 AM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने राजस्थान और हरियाणा के बाद अब पंजाब तथा केन्द्र शामिल प्रदेश- चंडीगढ़ में भी गेहूं की खरीद के लिए गुणवत्ता मानकों में राहत देने का निर्णय लिया है। मार्च के अंतिम एवं अप्रैल के प्रथम सप्ताह के दौरान इन राज्यों में आंधी तूफान के साथ-साथ भारी बेमौसमी वर्षा होने तथा कहीं-कहीं ओले गिरने से गेहूं की फसल पर असर पड़ा था।
प्रांतीय एजेंसियों ने जब बदरंग, चमकहीन एवं चिपटे / टूटे दाने वाले गेहूं की खरीद करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि जब तक केन्द्र से क्वालिटी संबंधी नियमों शर्तों में राहत की घोषणा नहीं होती तब तक उस गेहूं की खरीद संभव नहीं हो पाएगी।
उसके बाद पंजाब सरकार ने केन्द्र से इसके लिए अनुरोध किया। केन्द्रीय दल ने पंजाब का दौरा किया और फिर अपनी रिपोर्ट खाद्य मंत्रालय को सौंफ दिया। इस रिपोर्ट के आधार पर खाद्य मंत्रालय ने पंजाब तथा चंडीगढ़ में गेहूं की खरीद पर गुणवत्ता मानकों में राहत देने का निर्णय लिया।
उल्लेखनीय है कि पंजाब केन्द्रीय पूल में गेहूं का योगदान देने वाला सबसे अग्रणी राज्य है। गुणवत्ता मानकों में ढील देने की घोषणा होने से पूर्व तक राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद की रफ्तार बहुत धीमी थी जो अब तेज होने की उम्मीद है। पंजाब में बेमौसमी वर्षा से प्रभावित सभी जिलों में अब राहत वाले मानक के आधार पर गेहूं की सरकारी खरीद सुनिश्चित हो सकेगी।
केन्द्रीय खाद्य मंत्री के अनुसार सरकार के इस निर्णय से पंजाब के गेहूं उत्पादकों की कठिनाई घट जाएगी और उसे औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा।
हरियाणा एवं राजस्थान की भांति अब पंजाब में भी 70 प्रतिशत तक चमकहीन तथा 15 प्रतिशत तक चिपटे या टूटे दाने वाले गेहूं की खरीद होगी।
