अगले चार वर्षों तक दलहनों की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का निर्णय
18-Feb-2025 11:30 AM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) स्कीम को 15 वें वित्त आयोग चक्र के दौरान 2025-26 तक बरकरार रखने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इसी तरह अगले चार वर्षों तक तुवर, उड़द एवं मसूर के शत प्रतिशत विपणन योग्य स्टॉक की सरकारी खरीद जारी रखने का निर्णय भी लिया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने देश के नौ राज्यों में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत 2024-25 वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन में तुवर की खरीद करने की मंजूरी प्रदान की है।
अभी तक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना जैसे राज्यों में 15 हजार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 12 हजार टन तुवर की सरकारी खरीद हो चुकी है।
केन्द्र सरकार की दो प्राधिकृत (नोडल) एजेंसियों- नैफेड एवं एनसीसीएफ के जरिए किसानों से तुवर की 100 प्रतिशत खरीद की व्यवस्था की गई है। दोनों एजेंसियां तुवर खरीदने में सक्रिय हो चुकी हैं।
एकीकृत पीएम- आशा स्कीम की मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत किसानों से अधिसूचित दलहनों, तिलहनों एवं कोपरा की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाती है। उसके लिए उत्पादकों को राज्य स्तर की एजेंसियों के माध्यम से पहले अपना रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है।
दलहनों का उत्पादन बढ़ाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने तुवर, उड़द एवं मसूर के शत-प्रतिशत उत्पादन की खरीद करने का निश्चय किया है।
केन्द्रीय आम बजट में भी इसकी घोषणा की गई थी। देश के जिन 9 राज्यों में इस बार अरहर (तुवर) खरीदने की अनुमति दी गई है उसमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना एवं उत्तर प्रदेश शामिल है।
इन सभी प्रांतों में कुल मिलाकर 13.22 लाख टन तुवर की खरीद की स्वीकृति दी गई है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र एवं कर्नाटक जैसे प्रांतों में अरहर की सरकारी खरीद आरंभ हो चुकी है जबकि अन्य राज्यों में भी खरीद की प्रक्रिया जल्दी ही शुरू होने वाली है। खरीद का अभियान लम्बे समय तक जारी रह सकता है।
