अगले सीजन से दलहनों एवं तिलहनों की खरीद की समयावधि कम होगी
09-May-2025 03:40 PM
नई दिल्ली। वरिष्ठ अधिकारिक सूत्रों के अनुसार केन्द्र सरकार ने अक्टूबर 2025 से आरंभ होने वाले नए खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान दलहनों एवं तिलहनों की खरीद का नया नियम लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत बायोमैट्रिक फेड ऑथेंटिकेशन के साथ सेल प्वाइंट (पीओएस) मशीन के माध्यम से सत्यापन होने के बाद ही दलहन-तिलहन की खरीद की जाएगी।
इसे आसान शब्दों में इस तरह समझा जा सकता है कि सरकारी क्रय केन्द्रों (प्वाइंट ऑफ सेल) पर बायोमैट्रिक पहचान की मशीन लगाई जाएगी और वहां किसानों के चेहरे का मिलान या सत्यापन किया जाएगा। संतुष्टि वाला परिणाम सामने आने के बाद ही दलहन-तिलहन की खरीद उससे की जाएगी।
इसके अलावा सरकार ने दलहन-तिलहन की खरीद की समयावधि 90 दिनों से घटाकर 60 दिन नियत करने का निर्णय लिया है और इस समय सीमा को आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम 30 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है।
कहने का आशय यह है कि 90 दिनों की उच्चतम समय सीमा के बाद खरीद की अनुमति नहीं दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आंध्र प्रदेश में तुवर खरीद की 90 दिनों की समय सीमा 22 अप्रैल को समाप्त हो गई थी लेकिन राज्य सरकार के विशेष आग्रह पर वहां इसकी अवधि को एक माह बढ़ाकर 22 मई तक नियत की गई।
केन्द्रीय कृषि सचिव के अनुसार यह देखा गया है कि खरीद की अवधि के अंतिम दौर में यानी 13 वें सप्ताह से या उसके बाद दलहन-तिलहन की खरीद में अचानक भारी बढ़ोत्तरी हो जाती है जबकि उससे पूर्व खरीद की गति धीमी रहती है।
आमतौर पर ऐसा नहीं होना चाहिए। यदि खरीद की समय सीमा छोटी होती तो किसानों को जल्दी-जल्दी अपना उत्पाद बेचने का प्रोत्साहन मिलेगा।
केन्द्रीय कृषि मंत्री के मुताबिक नकली या घटिया बीज की बिक्री पर रोक लगाने तथा किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए केन्द्र सरकार बीज अधिनियम 1966 में संशोधन करने पर विचार कर सकती है।
इसके लिए राज्यों से फीडबैक आमंत्रित किया जाएगा। कृषि मंत्री ने विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों को सूचित किया कि केन्द्र द्वारा इस सम्बन्ध में एक ड्राफ्ट बिल (विधेयक का मसौदा) तैयार किया जा रहा है।
खरीफ फसलों की बिजाई अगले महीने से शुरू होने वाली है और 29 मई से 12 जून तक विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया जाएगा।
इसके तहत करीब 2000 टीम का गठन किया जाएगा और सभी जिलों में उसे भेजा जाएगा ताकि किसानों को आवश्यक जानकारी एवं सूचना सही समय पर उपलब्ध करवाई जा सके।
