अगस्त 2026 तक 278 लाख टन चीनी का घरेलू उत्पादन
10-Sep-2026 01:05 PM
नई दिल्ली। शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायोएनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने कहा है कि 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में देश के अंदर करीब 279 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है। अक्टूबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देशभर की मिलों द्वारा करीब 277.50 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया जबकि चालू माह (सितम्बर) में लगभग 1.50 लाख टन चीनी का अतिरिक्त उत्पादन हो सकता है।
कर्नाटक और तमिलनाडु में गन्ना क्रशिंग का विशेष सत्र अभी जारी है। इन दोनों दक्षिण राज्यों में जुलाई से सितम्बर तक गन्ना की स्पेशल क्रशिंग होती है। देश के अन्य उत्पादक राज्यों में क्रशिंग बहुत पहले बंद हो गई थी जो अक्टूबर से चालू हो सकती है।
इस्मा की रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक और तमिलनाडु में फिलहाल करीब 17 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग हो रही है और इसका सिलसिला सितम्बर के अंत तक जारी रहने की संभावना है। अक्टूबर से 2026-27 का नया मार्केटिंग सीजन आरंभ हो जाएगा। अब तक प्रचलित रुख के आधार पर इस्मा ने 2025-26 सीजन की सम्पूर्ण अवधि में चीनी का कुल घरेलू उत्पादन 279 लाख टन होने का अनुमान लगाया है।
उल्लेखनीय है कि 2024-25 सीजन के दौरान देश में महज 261 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था मगर 79 लाख टन का विशाल पिछला बकाया स्टॉक मौजूद रहने से इसकी कुल उपलब्धता 340 लाख टन के करीब पहुंच गई थी। 2025-26 सीजन के आरंभ में बकाया स्टॉक घटकर 50 लाख टन के आसपास रह गया। 279 लाख टन के अनुमानित उत्पादन के साथ चीनी की कुल उपलब्धता 330 लाख टन के करीब रहने की संभावना है। इसमें से लगभग 8.25 लाख टन चीनी का निर्यात हो गया।
चीनी की कुल वार्षिक घरेलू खपत 285 लाख टन के करीब होती है। इसे देखते हुए लगता है कि 2025-26 सीजन के अंत में उद्योग के पास चीनी का कुल पिछला बकाया स्टॉक 35 लाख टन के करीब रह सकता है। इससे चीनी की आपूर्ति की स्थिति जटिल हो सकती है।
अक्टूबर का फ्री सेल कोटा जारी होने पर उद्योग के पास चीनी का स्टॉक घटकर अत्यन्त निचले स्तर पर आ सकता है। वैसे 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात एवं अक्टूबर के मध्य से नया उत्पादन शुरू होने पर स्थिति में कुछ सुधार आ सकता है।
