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अल नीनो से अनेक जिसों का वैश्विक उत्पादन प्रभावित होने की आशंका

28-Oct-2026 12:10 PM

अल नीनो से अनेक जिसों का वैश्विक उत्पादन प्रभावित होने की आशंका

मुम्बई। अनेक वैश्विक संगठन बार-बार आगाह कर रहे हैं कि इस बार का अल नीनो मौसम चक्र अब तक के सबसे खतरनाक, शक्तिशाली एवं विनाशकारी अल नीनो में से एक होगा और इसके प्रभाव से दुनिया के कई देशों को भयंकर सूखे के संकट का सामना करना पड़ सकता है। इससे वैश्विक स्तर पर मक्का, कॉफी, गन्ना एवं ऑयल पाम सहित अनेक फसलों का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। धान-चावल का उत्पादन भी घटेगा। 

मौसम विषेशज्ञों के मुताबिक अल नीनो की वजह से अफ्रीका महाद्वीप के दक्षिणी भाग, उत्तरी अमरीका महाद्वीप के मध्यवर्ती क्षेत्र, दक्षिण अमरीका महाद्वीप के उत्तरी इलाके और एशिया महाद्वीप के दक्षिण-पूर्वी  संभाग में अवस्थित देशों में सूखे का संकट बढ़ने की आशंका है। इसके फलस्वरूप मक्का, चावल, चीनी, पाम तेल और चाय-कॉफी सहित कई जिंसों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। 

पिछली बार जब अल नीनो का गंभीर प्रकोप रहा था तब सूखे की तीव्रता में 11-12 प्रतिशत बिंदु का इजाफा हो गया था। इसके तहत जाम्बिया, जिम्बाब्वे, मध्यवर्ती अमरिका के शुष्क कॉरिडोर, थाईलैंड, फिलीपींस, गुयाना एवं सूरीनाम जैसे देशों को ज्यादा मुसीबत का सामना करना पड़ा था। इस बार अल नीनो के प्रभाव क्षेत्र का दायरा और भी बढ़ने की आशंका है जिससे खाद्य सुरक्षा का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। 

संयुक्त राष्ट्र संघ की अधीनस्थ संस्था- खाद्य एवं कृषि संगठन (फाओ) के अनुसार अल नीनो अक्सर वैश्विक मौसम पैटर्न को बाधित कर देता है जिससे खाद्य सुरक्षा, कृषि उत्पादन एवं ग्रामीण क्षेत्र की अर्थ व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता है। परोक्ष रूप से उद्योग- व्यापार सेक्टर पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और प्रमुख कृषि एवं खाद्य उत्पादों के वैश्विक बाजार मूल्य में तेजी आ जाती है।