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28-Oct-2026 01:40 PM
हैदराबाद। अल नीनो मौसम चक्र के प्रकोप एवं कमजोर मानसूनी बारिश के कारण तेलंगाना में खरीफ फसलों की हालत बिगड़ रही है और राज्य के अधिकांश भाग में किसानों के समक्ष गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसे देखते हुए सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए राज्य के 31 जिलों में 365 मंडलों को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान तेलंगाना में सामान्य औसत से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई। सरकार की नई घोषणा का मतलब है कि तेलंगाना में लगभग 50 प्रतिशत मंडल सूखाग्रस्त क्षेत्र के दायरे में आ गया है। इसमें से 111 मंडलों को भयंकर सूखा क्षेत्र तथा शेष 254 मंडलों को सामान्य सूखा ग्रस्त क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है।
नाल गोंडा जिले में भयंकर सूखा ग्रस्त मंडल की संख्या 20 है जो पूरे राज्य में सबसे ज्यादा है। दो अन्य अधिसूचित जिले- नरायणपेट तथा जोगुलम्बा गढ़वाल में सभी 13-13 मंडलों को भयंकर सूखा ग्रस्त क्षेत्र की श्रेणी में शामिल किया गया है।
तेलंगाना में 1 जून से 30 सितम्बर 2026 के दौरान कुल 615.5 मि०मी० वर्षा हुई जबकि बारिश का सामान्य औसत स्तर 740.6 मि०मी० आंका गया था। तेलंगाना में कुल 33 जिले हैं जिसमें से 18 जिलों में बारिश कम या बहुत कम हुई। इससे धान, कपास एवं अन्य खरीफ फसलों का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।