अमरीका और भारत की शुल्क नीति से कनाडा में फसलों की बिजाई पर असर

28-Mar-2025 03:21 PM

ओटावा। नवीनतम जानकारी के मुताबिक अमरीका और कनाडा के बीच सीमा शुल्क के मुद्दे पर आज सहमति नहीं बन सकी और अमरीका ने 2 अप्रैल से कनाडाई उत्पादों पर 25 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाने की घोषणा कर दी है।

इधर भारत सरकार ने मसूर पर 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाने का निर्णय लिया है जो 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा।

पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 31 मई 2025 तक बढ़ाई गई है मगर उसके बाद इस पर भी आयात शुल्क लगाया जा सकता है। इससे कनाडा के किसान असमंजस में फंस गए हैं। 

मालूम हो कि कनाडा में मुख्य फसलों की बिजाई अप्रैल से जून के दौरान होती है जिसमें गेहूं कैनोला, के आयात पर भारी- भरकम सीमा शुल्क लगा दिया है जबकि वह इसके प्रमुख खरीदारों में शामिल है।

कनाडाई किसानों की दुविधा लगातार बढ़ती जा रही है और इसलिए फसलों की बिजाई के चयन के उसके पुराने निर्णय या इरादे में बदलाव हो सकते हैं। 

कनाडा की सरकारी एजेंसी- स्टैट्स कैन ने मध्य दिसम्बर से मध्य जनवरी के बीच किए गए सर्वेक्षण के आधार पर विभिन्न फसलों के बिजाई क्षेत्र का जो अनुमान लगाया था उसमें कितना परिवर्तन होता है यह देखना दिलचस्प होगा।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि कनाडा के किसानों को फसलों की बिजाई में इस बार काफी कठिनाई हो सकती है। 

समीक्षकों का कहना है कि एक मात्र अच्छी बात यह है कि तमाम घटनाक्रम फसलों की बिजाई शुरू होने से पहले सामने आ गए इसलिए किसानों को अपना निर्णय बदलने का कुछ अवसर मिल जाएगा।

लेकिन जो किसान पहले ही खाद-बीज आदि का प्रबंध कर चुके हैं उन्हें अपना इरादा बदलने में कठिनाई हो सकती है। किसानों को विभिन्न फसलों के क्षेत्रफल के बीच असमंजस बैठाना पड़ेगा। 

स्टैट्स कैन की रिपोर्ट में इस वर्ष कनाडा में मटर का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 35.20 लाख एकड़ पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है जो 2021-22 सीजन के बाद का सबसे बड़ा क्षेत्रफल है। पहले वहां पीली मटर का भाव मजबूत बना हुआ था मगर अब नरम पड़ने लगा है।

भारत में मटर पर आयात शुल्क अभी नहीं लगा है और अमरीकी शुल्क का भी कोई खास असर नहीं पड़ेगा मगर चीन द्वारा कनाडा की सभी किस्मों की मटर पर 100 प्रतिशत का भी शुल्क लगाया गया है वह काफी प्रभाव डाल सकता है।