मानसून की अनिश्चित स्थिति से कृषि क्षेत्र को खतरा
21-Apr-2026 03:56 PM
नई दिल्ली। इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून की हालत कमजोर तथा वर्षा की स्थिति अनियमित एवं अनिश्चित रहने की संभावना है। इससे भारतीय कृषि क्षेत्र और खासकर खरीफ फसलों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।
यद्यपि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय फिलहाल ज्यादा चिंतित और परेशान नहीं है लेकिन उद्योग-व्यापार क्षेत्र को धान के साथ-साथ दलहन-तिलहन का उत्पादन घटने की आशंका है। इससे दलहनों एवं खाद्य तेलों का आयात घटाने के सरकारी प्रयास को गहरा धक्का लग सकता है।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र के समीक्षकों का कहना है कि केन्द्रीय पूल में चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है और घरेलू बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति भी सुगम बनी हुई है इसलिए अगर खरीफ सीजन में इसका उत्पादन कुछ कम होता है तो भी घरेलू खाद्य सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं होगा।
लेकिन दलहन-तिलहन का मामला इससे भिन्न है। भारत पहले से ही दुनिया में खाद्य तेलों तथा दलहनों का सबसे बड़ा आयातक देश बना हुआ है जबकि घरेलू उत्पादन में गिरावट आने पर इसके आयात में बढ़ोत्तरी की संभावना बढ़ जाएगी।
