अमरीका से भारत में गैर जीएम ज्वार का शुरू हो सकता है आयात
16-May-2025 03:49 PM
नई दिल्ली। द्विपक्षीय व्यापार संधि के लिए जारी बातचीत के दौरान अमरीका ने पहले भारत पर मक्का के आयात का दबाव बनाया था मगर जीएम मक्का मांगने से भारत ने जब इंकार कर दिया तब अमरीका ने भारतीय पशु आहार निर्माताओं को मक्का के एक विकल्प के तौर पर गैर जीएम ज्वार के आयात का ऑफर देना शुरू कर दिया है।
मक्का के घरेलू बाजार भाव में आ रही तेजी को देखते हुए पशु आहार निर्माताओं को इसके सस्ते विकल्प पर ध्यान देने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
कम्पाउण्ड फीड मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा है कि भारतीय पॉल्ट्री उद्योग को बढ़ते लागत खर्च की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है और इस समस्या को जल्दी से जल्दी दूर किए जाने की आवश्यकता है।
पॉल्ट्री फीड के लिए कच्चे माल की आपूर्ति में अक्सर बाधा पड़ती है और बाजार का माहौल भी अनिश्चित रहता है। मक्का और सोयामील के ऊंचे दाम के कारण चालू वित्त वर्ष के दौरान पॉल्ट्री फीड उद्योग के मार्जिन में गिरावट आने की संभावना है। फीड के कुल लागत खर्च में इन दोनों उत्पादों का योगदान 90 प्रतिशत के करीब रहता है।
अमरीकन ग्रेन्स कौंसिल के एक सलाहकार का कहना है कि अमरीका का गैर जीएम ज्वार भारत में मक्का का एक सस्ता विकल्प साबित हो सकता है।
भारतीय मक्का का भाव फिलहाल 305 डॉलर प्रति टन चल रहा है जबकि अमरीकी ज्वार का दाम महज 163 डॉलर प्रति टन ही है। लेकिन भारत में रबी कालीन फसल के नए माल की आवक शुरू होने से मक्का का मूल्य कुछ नरम पड़ने की संभावना है।
आकर्षक मूल्य होने के बावजूद भारत सरकार ने अमरीकी ज्वार पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लगा रखा है जिससे इसे मंगाने में भारी कठिनाई होती है।
इसके अलावा ज्वार आयात के लिए कीट जोखिम आंकलन (पीआरए) की आवश्यकता भी पड़ती है। पीआरए के दस्तावेज भारतीय अधिकारियों के पास लंबित हैं।
अमरीकन ग्रेन्स कौंसिल भारतीय फीड उद्योग में अमरीकी ज्वार के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए कम्पाउंड फीड मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के साथ मिलकर काम कर रहा है।
हालांकि भारत सरकार ने अभी तक न तो अमरीकी ज्वार पर आयात शुल्क को कम या खत्म किया है और न ही गैर शुल्कीय शर्तों में कोई रियायत दी है लेकिन अगर अमरीका का ऑफर (प्रस्ताव) उचित प्रतीत हुआ तो प्रायोगिक तौर इसके सीमित आयात की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है।
अमरीका में सोयाबीन एवं मक्का का जीएम प्रजाति की खेती होती है जबकि भारत में इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसी हालत में अमरीका को कुछ राहत देने के लिए भारत गैर जीएम ज्वार के आयात की अनुमति दे सकता है।
