अमरीका से जीएम फसलों के आयात पर नीति आयोग ने अपना विवरण वापस लिया
11-Aug-2025 05:21 PM
नई दिल्ली। नीति आयोग ने अपना वह विवरण (वर्किंग पेपर) हाल ही में वापस ले लिया जिसमें अमरीका से जीएम मक्का तथा सोयाबीन के आयात हेतु भारतीय बाजार को खोलने का सुझाव दिया गया था। दरअसल भारत सरकार द्वारा ट्रांसजेनिक खाद्य उत्पादों पर लाल रेखा खींचे जाने के बाद नीति आयोग को अपना विवरण हटाना पड़ा।
हालांकि भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में अमरीका बार-बार इस बात पर जोर देता रहा है कि भारत को जीएम उत्पादों पर गैर शुल्कीय व्यापारिक बाधाओं / नियंत्रणों को समाप्त करना चाहिए मगर भारत ने इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया है।
25 अगस्त को अमरीकी वार्ताकारों का एक दल भारत आने वाला है और उसके साथ द्विपक्षीय व्यापारिक करार के लिए छठे दौर की प्रस्तावित बातचीत में भी भारत के रूख में कोई बदलाव होने की न्यूनतम संभावना है।
नीति आयोग ने अपने सुझाव में कहा था कि घरेलू उत्पादन को प्रभावित किए बगैर अमरीका से जीएम सोयाबीन एवं मक्का के आयात पर विचार किया जाना चाहिए ताकि व्यापार समझौता के लिए राह आसान हो सके।
उल्लेखनीय है कि नए अमरीका व्यापार उपाय के अंतर्गत भारत- अमरीकी कृषि कारोबार को बढ़ावा देने के मुद्दे पर नीति आयोग ने मई 2025 में अपना वर्किंग पेपर (विवरण) जारी किया था जिसमें सुझाव दिया गया था कि एथनॉल मिश्रित कार्यक्रम के लिए जीएम मक्का के आयात की अनुमति दी जा सकती है।
इससे डिस्टीलर्स ड्राईड ग्रेन्स विद सोल्युबल्स (डीडीजीएस) की उपलब्धता बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। अमरीका का मक्का सस्ता होता है और भारत के जैव ईंधन लक्ष्य को हासिल करने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
इससे स्थानीय क्रूड एवं फीड मार्केट को भी कोई नुकसान नहीं होगा। हालांकि वर्किंग पेपर में कहा गया था कि यह सुझाव केवल पेपर तैयार करने वालों के व्यक्तिगत विचार हैं लेकिन जब सरकार ने जीएम फसलों पर कड़ा रुख अपनाने का संकेत दिया तब नीति आयोग ने अपने वेबसाइट से इसे हटा लिया। भारत में फिलहाल केवल बीटी कॉटन ही एकमात्र ऐसा कृषि उत्पाद है जिसके व्यावसायिक उत्पादन की अनुमति दी गई है।
