अनेक देशों में चावल का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका

14-May-2026 05:57 PM

नई दिल्ली। एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी का कहना है कि वर्ष 2026 के दौरान अल नीनो मौसम चक्र के प्रकोप से भारत, थाईलैंड, वियतनाम, बांग्ला देश एवं म्यांमार आदि में चावल का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

इसके अलावा पाकिस्तान, अमरीका एवं ब्राजील जैसे देशों में भी चावल का उत्पादन घटने की संभावना है। 2025-26 के सीजन में चावल का वैश्विक उत्पादन 54.01 करोड़ टन होने के आसार हैं।

ध्यान देने को बात है कि विभिन्न संघों-संगठनों, एजेंसियों एवं वैश्विक संस्थाओं द्वारा चावल उत्पादन के अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं मगर उसमें एक समानता यह है कि सबने उत्पादन में कमी आने की संभावना व्यक्त की है। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने 2025-26 सीजन के लिए 54.28 करोड़ टन का अनुमान लगाया है।

रेटिंग एजेंसी के अनुसार भारत में निकट भविष्य में मौसम की स्थिति सामान्य रह सकती है और आरंभिक जरूरतों को पूरा करने के लिए देश में उर्वरकों का समुचित स्टॉक भी उपलब्ध है। यदि दक्षिण-पश्चिम मानसून सही समय पर आया और सक्रिय रहा तो धान की खेती की अच्छी शुरुआती हो सकती है। आगे मौसम एवं मानसून कैसा रहता है उस पर नजर रखना आवश्यक है।

अल नीनो मौसम चक्र का प्रभाव भारत सहित दक्षिण एशिया के अन्य देशों एवं दक्षिण-पूर्व एशिया पर ज्यादा पड़ने की आशंका है। इसमें चीन, इंडोनेशिया एवं दक्षिण कोरिया भी शामिल है। संसार में करीब 80 प्रतिशत चावल का उत्पादन एशिया में होता है। भारत थाईलैंड तथा वियतनाम इसके तीन शीर्ष निर्यातक देश हैं।