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30-Oct-2026 12:48 PM
नई दिल्ली। फ्लोर मिलर्स एवं प्रोसेसर्स द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत बेचे जाने वाले सरकारी गेहूं की खरीद में भारी दिलचस्पी दिखाई जा रही है क्योंकि थोक मंडियों में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल होती जा रही है।
भारतीय खाद्य निगम द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित ई-नीलामी में एक लाख टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया था जिसमें से लगभग 95 हजार टन की बिक्री हो गई। दीपावली की जबरदस्त मांग के कारण अधिकांश राज्यों में दिए गए ऑफर की लगभग सम्पूर्ण मात्रा की खरीद कर ली गई।
देश के 20 से अधिक राज्यों में खाद्य निगम द्वारा गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया। प्रत्येक राज्य के लिए अलग-अलग मात्रा का आवंटन किया गया था। इसमें से 17 राज्यों में गेहूं की शत-प्रतिशत मात्रा की बिक्री हो गई। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि अधिकतर प्रांतों के मिलर्स को गेहूं की भारी जरूरत है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों- पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में गेहूं के ऑफर की पूरी मात्रा की खरीद-बिक्री हो गई। इसके साथ-साथ दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण खपतकर्ता प्रांतों में भी गेहूं की भारी खरीद हुई। पूर्वी राज्यों में गेहूं के ऑफर की सम्पूर्ण मात्रा का उठाव हो गया। इन राज्यों में बिहार, उड़ीसा एवं पश्चिम बंगाल भी शामिल है। वहां गेहूं का बाजार भाव ऊंचा एवं तेज चल रहा है।
मिलर्स का कहना है कि सिर्फ दीपावली के कारण गेहूं की जोरदार खरीद नहीं हो रही है बल्कि मंडियों में उचित मात्रा में स्टॉक नहीं पहुंचने तथा उद्योग की सामान्य जरूरत ज्यादा होने के कारण भी खरीदारी की रफ्तार तेज हो रही है।