बांग्ला देश में आयात टेंडर जारी करने के निर्णय से भारत में चावल का भाव तेज

30-Jul-2025 12:02 PM

कोलकाता। बांग्ला देश सरकार ने कुल 9 लाख टन चावल के आयात का निर्णय लिया है और इसके लिए  पहला वैश्विक टेंडर 7 अगस्त को जारी करने की घोषणा की है। इसके फलस्वरूप भारत में गैर बासमती चावल का भाव तेज होने लगा है।

भारत दुनिया का सबसे प्रमुख चावल निर्यातक देश है और इसके चावल का दाम भी प्रतिस्पर्धी स्तर पर रहता है। भारत और बांग्ला देश की सीमा आपस में मिलती है इसलिए परिवहन खर्च तथा समय कम लगता है। इसे देखते हुए प्रतीत होता है कि बांग्ला देश में जारी होने वाला टेंडर भारतीय चावल कंपनियों को ही हासिल होगा। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार बांग्ला देश की जोरदार खरीद की उम्मीद से भारत के स्वर्ण, मिनीकेट एवं सोना मसूरी जैसे चावल की निर्यात मांग तेजी से बढ़ने के आसार हैं।

समझा जाता है कि कम दाम वाले चावल की कीमतों को ज्यादा सहारा मिलेगा क्योंकि इसका निर्यात बढ़ने के चांस ज्यादा है। घरेलू बाजार में इसके आरंभिक संकेत मिलने लगे हैं। हाल के सप्ताहों के दौरान उपरोक्त किस्मों के चावल के दाम में 8-10 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया जा चुका है। 

राइस प्रोसेसर्स का कहना है कि बांग्ला देश में जिन किस्मों के चावल की ज्यादा खपत होती है उसका भाव भारत में पिछले दो सप्ताहों के अंदर 7 से 13 प्रतिशत तक बढ़ गया।

फिलहाल स्वर्णा चावल का दाम 3200 रुपए प्रति क्विंटल तथा मिनीकेट एवं सोना मसूर का मूल्य 4500 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। अगले महीने इसमें कुछ और सुधार आ सकता है। 

राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि भारत में चावल का निर्यात योग्य पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और बांग्ला देश को इसका निर्यात बढ़ाने के लिए तमाम परिस्थितियां भी अनुकूल बनी हुई हैं  इसलिए भारतीय निर्यातकों को बांग्ला देशी चावल आयात टेंडर का अधिकांश भाग हासिल करने में ज्यादा कठिनाई नहीं होगी।

निर्यातकों के अनुसार बांग्ला देश में जो 9 लाख टन चावल के आयात का निर्णय लिया गया है उसमें से 4 लाख टन का आयात सरकारी एजेंसी द्वारा किया जाएगा जबकि शेष 5 लाख टन चावल प्राइवेट व्यापारियों द्वारा मंगाया जाएगा।

अगले महीने टेंडर जारी करने की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी और निर्यातकों को आगामी छह सप्ताह के अंदर इसकी आपूर्ति करने की अनुमति दी जाएगी।

पश्चिम बंगाल, झारखंड, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा एवं बिहार में उत्पादित मिनीकेट एवं सोना मसूरी चावल का निर्यात बांग्ला देश को अधिक मात्रा में किए जाने की संभावना है।