बांग्ला देश में सूरजमुखी तेल एवं कैनोला तेल पर शुल्क घटाने की सिफारिश

04-Dec-2024 01:12 PM

ढाका । बांग्ला देश के ट्रेड एंड टैरिफ कमीशन (बीटीटीसी) ने सूरजमुखी तेल एवं रेपसीड-कैनोला तेल पर आयात शुल्क में कटौती करने का सुझाव दिया है ताकि घरेलू बाजार में अधिक किस्मों के खाद्य तेल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में बांग्ला देश में क्रूड सूरजमुखी तेल के आयात पर कुल मिलाकर 31 प्रतिशत का शुल्क लगा हुआ है जबकि रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर 32 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू है। इसी तरह क्रूड कैनोला तेल पर 37 प्रतिशत तथा रिफाइंड कैनोला तेल पर 58 प्रतिशत का आयात शुल्क प्रभावी है। 

इसके मुकाबले सोयाबीन तेल एवं पाम तेल पर कम शुल्क लगता है इसलिए वहां इन दोनों तेलों का ही आयात ज्यादा हो रहा है। बांग्ला देश में उत्पादन कम होने से खाद्य तेलों की अधिकांश घरेलू मांग एवं जरूरत को विदेशों से आयात के जरिए पूरा किया जाता है। 

घरेलू प्रभाग में खाद्य तेलों की पर्याप्त आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कीमतों को नियंत्रिण में रखने के उद्देश्य से गत 19 नवम्बर को बांग्ला देश के राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड ने सोयाबीन तेल एवं पाम तेल के आयात पर मूल्य संवर्धित कर (वैट) को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत नियत कर दिया। यह वैट कटौती का निर्णय 15 दिसम्बर तक प्रभावी रहेगा।

उसके बाद रिफाइनर्स को क्रूड पाम तेल एवं क्रूड सोयाबीन तेल के आयातित माल पर 15 प्रतिशत की दर से वैट का भुगतान करना पड़ेगा। इसी तरह रिफाइंड सोयाबीन तेल के लिए 20 प्रतिशत का शुल्क एवं वैट लागू हो जाएगा।

राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड को भेजे एक पत्र में ट्रेड एंड ट्रैफिक कमीशन ने कहा है कि सूरजमुखी तेल एवं कैनोला तेल पर सोयाबीन ते एवं पाम तेल की तुलना में काफी ऊंचे स्तर का सीमा शुल्क एवं वैट लगा हुआ है जबकि विश्व स्तर पर ये दोनों खाद्य तेल भी काफी लोकप्रिय हैं। उस पर शुल्क में कटौती होने पर उपभोक्ताओं को ज्यादा विकल्प मिल सकेगा।