बांग्लादेश चावल आयात टेंडर और इसका भारत पर असर
30-Jul-2025 08:03 AM
बांग्लादेश चावल आयात टेंडर और इसका भारत पर असर
★ बांग्लादेश ने 9 लाख टन चावल आयात के लिए 7 अगस्त को टेंडर जारी करने की योजना बनाई है, जिससे भारत में गैर-बासमती चावल की कीमतों में तेजी आई है।
★ भारत को इस निर्यात आदेश में बड़ी हिस्सेदारी मिलने की संभावना है, क्योंकि भारत के पास मूल्य और माल भाड़ा में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त है।
★ इससे स्वर्णा, मिनीकेट और सोना मसूरी जैसी गैर-बासमती किस्मों के निर्यातकों को भारी लाभ हो सकता है।
★ वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने बांग्लादेश को 8 लाख टन चावल निर्यात किया, जो भारत के कुल गैर-बासमती निर्यात 141.3 लाख टन का 5.5% था।
★ भारतीय घरेलू बाजार में कीमतें 8–10% तक बढ़ी हैं, विशेष रूप से उन किस्मों की जो बांग्लादेश में प्रमुखता से खपत होती हैं।
★ स्वर्णा की कीमत अब लगभग ₹32/किग्रा, जबकि मिनीकेट और सोना मसूरी की कीमत ₹45/किग्रा तक पहुंच गई है।
★ बांग्लादेश की सरकारी एजेंसियां 4 लाख टन और निजी आयातक 5 लाख टन चावल आयात करेंगे।
★ चावल की आपूर्ति की अनुमति टेंडर जारी होने के बाद छह सप्ताह के भीतर दी जाएगी।
★ मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, झारखंड, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और बिहार से मिनीकेट और सोना मसूरी की आपूर्ति की जाएगी।
★ बांग्लादेश वर्ष 2025-26 में 375.5 लाख टन चावल उत्पादन का अनुमान रखता है, लेकिन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आयात को लेकर सक्रिय है।
★ FY25 में बांग्लादेश ने कुल 13 लाख टन चावल आयात किया, जो FY18 के 9.7 लाख टन के बाद अब तक का दूसरा सबसे बड़ा आयात है।
