भारत में 1150 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का उस्डा का अनुमान

07-Apr-2025 05:00 PM

नई दिल्ली। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने भारत में लगातार तीसरे साल गेहूं का उत्पादन बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है। उस्डा की एक रिपोर्ट में 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन के दौरान भारत में गेहूं का कुल उत्पादन बढ़कर 1150 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है

जो केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा लगाए गए अनुमान 1154.30 लाख टन के काफी निकट है। रिपोर्ट के अनुसार बिजाई क्षेत्र में अच्छी वृद्धि होने तथा मौसम की हालत अनुकूल रहने से गेहूं के उत्पादन में इजाफा होगा। 

उस्डा की रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने तथा घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम रहने की संभावना के बावजूद भारत सरकार द्वारा गेहूं एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात की अनुमति दिए जाने की उम्मीद नहीं है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय गेहूं के निर्यात पर मई 2022 से ही प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बावजूद घरेलू प्रभाग में इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बरकरार रहा जिसमें अब कुछ नरमी आने के संकेत मिल रहे हैं। सरकारी स्तर पर कुछ पड़ोसी देशों को गेहूं का निर्यात हो सकता है। 

वैश्विक बाजार में गेहूं का भाव अपेक्षाकृत कमजोर रहने के बावजूद वर्ष 2024 के दौरान भारत में विदेशों से इसको मंगाने का विशेष प्रयास नहीं किया गया क्योंकि इस पर 40 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लगा हुआ था जो अब भी लागू है। 2025 में भी गेहूं अथवा इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों का आयात होना संभव नहीं लगता है।

उस्डा के मुताबिक भारत में 2024-25 के रबी सीजन में गेहूं का बिजाई क्षेत्र बढ़कर 326 लाख हेक्टेयर के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया जबकि आमतौर पर मौसम भी फसल के लिए अनुकूल बना हुआ है। 

इधर हरियाणा के करनाल स्थित संस्था- भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के डायरेक्टर का कहना है कि चालू वर्ष के दौरान गेहूं का घरेलू उत्पादन निश्चित रूप से बढ़कर 1150 लाख टन के अनुमानित रिकॉर्ड स्तर से ऊपर पहुंच जाएगा क्योंकि सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों के दौरान देश में 1132.90 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ था।

दूसरी ओर उद्योग-व्यापार क्षेत्र के मुताबिक पिछले साल करीब 1060 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ जो इस वर्ष 1100 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। इससे उपलब्धता की स्थिति में सुधार आएगा।