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21-Oct-2026 01:56 PM
मुम्बई। हालांकि घरेलू प्रभाव में खाद्य तेलों का भाव ऊंचा एवं तेज है लेकिन इसका कारण आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल होना नहीं बल्कि त्यौहारी सीजन की मजबूत मांग एवं निर्यातक देशों में ऊंची कीमत माना जा रहा है।
सूरजमुखी तेल के आयात में भारी गिरावट आ रही है लेकिन सोयाबीन तेल का आयात बढ़ रहा है। पाम तेल का आयात लगभग सामान्य ढंग से हो रहा है।
केन्द्र सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में 5-10 प्रतिशत की कटौती कर दी है लेकिन कीमतों पर इसका कोई खास असर नहीं देखा जा रहा है। सरसों तेल एवं मूंगफली तेल के दाम में तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारतीय बंदरगाहों पर 30 सितम्बर 2026 को कुल 11,67,970 टन खाद्य तेलों का स्टॉक मौजूद था जो 15 अक्टूबर 2026 को 12.66 प्रतिशत बढ़कर 13,15,838 टन पर पहुंच गया।
इसके तहत क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का स्टॉक 4,97,590 टन से सुधरकर 5,32,497 टन, आरबीडी पामोलीन का स्टॉक 18,717 टन से सुधरकर 22,936 टन, क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल (सीडी एसबीओ) का स्टॉक 4,10,848 टन से उछलकर 4,66,410 टन और क्रूड सूरजमुखी तेल का स्टॉक 2,29,241 टन से बढ़कर 2,74,946 टन पर पहुंच गया।