भारतीय चावल मंगाने के इच्छुक म्यांमार के आयातक दूतावास से कर सकते हैं सम्पर्क

29-Jan-2025 11:57 AM

यंगून । भारत के पूर्वोत्तर पड़ोसी देश- म्यांमार में स्थित भारतीय दूतावास ने यूनियन ऑफ म्यांमार फेडरेशन ऑफ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (यूएमएफसीसीआई) के महामंत्री को एक पत्र भेजकर सूचित किया है कि भारत सरकार ने चावल के निर्यात पर लगे सभी नियंत्रणों एवं प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया है और निर्यात शुल्क को भी हटा दिया है।

यंगून स्थित भारतीय राज दूतावास के प्रथम सचिव (इको एंड कॉम) के इस पत्र में फेडरेशन से आग्रह किया गया है कि वह म्यांमार में भारतीय चावल मंगाने वाले सभी इच्छुक आयातकों को अपने माध्यम से इस आशय की सूचना उपलब्ध करवा दें कि जो भी खरीदार व्यावसायिक आधार पर भारत से चावल का आयात करना चाहते हैं वे अब ऐसा कर सकते हैं क्योंकि इस बार किसी तरह की बंदिश या पाबंदी नहीं है।

इच्छुक कंपनियां और अधिक जानकारी प्राप्त करने अथवा किसी तरह की  पूछताछ के लिए भारतीय राजदूतावास के वाणिज्यिक प्रकोष्ठ से सीधे सम्पर्क करने के लिए स्वतंत्र हैं। इस पत्र की एक कॉपी म्यांमार सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अधीनस्थ व्यापार विभाग के महानिदेशक को भी भेजी गई है। 

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने पिछले साल ही सितम्बर-अक्टूबर में गैर बासमती सफेद चावल के निर्यात को नियंत्रण मुक्त करते हुए सेला चावल पर लगे 20 प्रतिशत के निर्यात शुल्क को वापस ले लिया था।

कुछ समय के लिए सफेद चावल के वास्ते 490 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य (मेप) नियत किया गया था मगर बाद में इसे भी हटा दिया गया।

इसी तरह बासमती चावल के लिए लागू 950 डॉलर प्रति टन के मेप को भी खत्म कर दिया गया। ध्यान देने की बात है कि म्यांमार स्वयं चावल का एक निर्यातक देश है।