बेहतर आपूर्ति के बावजूद लालमिर्च की कीमतों में मजबूती

11-Mar-2025 07:27 PM

गुंटूर। लगातार बढ़ती आपूर्ति एवं कमजोर मांग के कारण लालमिर्च का दाम घटकर काफी नीचे आ गया था। इसके बाद एक तरफ नीचे मूल्य पर इसकी लिवाली बढ़ने लगी और दूसरी ओर आंध्र प्रदेश सरकार ने किसानों से एक निश्चित मूल्य पर इसकी खरीद करने की घोषणा कर दी।

उत्पादकों ने भी मंडियों में अपने माल की बिकवाली सीमित कर दी। इसके परिणामस्वरूप लाल मिर्च का भाव मजबूत होने लगा।

बढ़ते बाजार भाव को देखते हुए उत्पादकों को आंध्र प्रदेश सरकार ने लालमिर्च की खरीद को कुछ समय के लिए स्थगित रखने का आग्रह करना पड़ा।

इधर दिसावरी व्यापारियों, निर्यातकों, स्थानीय डीलर्स एवं मसाला निर्माताओं की दिलचस्पी लालमिर्च की खरीद में बढ़ने लगी है। 

गुंटूर सहित अन्य मंडियों में लालमिर्च की जोरदार आवक की रफ्तार अब थोड़ी धीमी पड़ गई है लेकिन फिर भी वहां एक लाख बोरी माल की औसत दैनिक आपूर्ति होने की सूचना मिल रही है जो पहले सवा लाख बोरी तक पहुंच गई थी।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में मौसम साफ होने से लालमिर्च की नई फसल की तुड़ाई-तैयारी में उत्पादकों को कोई असुविधा नहीं हो रही है और इसलिए मंडियों में भारी मात्रा में माल आ रहा है।

लिवाली की गति कुछ तेज हुई है इसलिए कीमतों में नरमी पर ब्रेक लग गया है। जो खरीदार पहले बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर रहे थे वे अब लिवाली में सक्रियता दिखा रहे हैं। 

लालमिर्च की निर्यात मांग मजबूत होने लगी है। मुस्लिम बहुल देशों- बांग्ला देश, मलेशिया एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों के साथ चीन के खरीदार भी भारतीय लालमिर्च के प्रति आकर्षित हो रहे हैं।

आपूर्ति का पीक सीजन होने से अभी सभी प्रमुख मंडियों में लालमिर्च की अच्छी आवक हो रही है इसलिए कीमतों पर दबाव बना हुआ है। आगे कीमतों में कुछ मजबूती आने के आसार हैं।