बाजरा के साथ मक्का के बिजाई क्षेत्र में भी अच्छी बढ़ोत्तरी
15-Jul-2025 08:01 PM
नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान मक्का एवं बाजरा के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है और ज्वार का रकबा भी आगे चल रहा है मगर रागी का क्षेत्रफल गत वर्ष के लगभग बराबर है जबकि स्मॉल मिलेट्स की बिजाई में कुछ कमी आई है।
मक्का के क्षेत्रफल में वृद्धि होने की उम्मीद तो पहले से की जा रही थी क्योंकि घरेलू प्रभाग में इसकी मांग एवं खपत तेजी से बढ़ती जा रही है और ऊंचे भाव के कारण किसानों को आकर्षक आमदनी भी प्राप्त हो रही है लेकिन बाजार के बिजाई क्षेत्र में शानदार इजाफा होना एक सुखद आश्चर्य माना जा रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 99.78 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 116.30 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है। इसके तहत ज्वार का बिजाई क्षेत्र 7.40 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 8.00 लाख हेक्टेयर, मक्का का क्षेत्रफल 59.73 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 61.88 लाख हेक्टेयर तथा बाजरा का रकबा 29.60 लाख हेक्टेयर से उछलकर 44 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।
इसके क्षेत्रफल में खासकर राजस्थान में जबरदस्त वृद्धि हुई है। रागी का रकबा 210-211 लाख हेक्टेयर पर स्थिर है जबकि स्मॉल मिलेट्स का क्षेत्रफल 1.87 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.45 लाख हेक्टेयर रह गया।
2025-26 सीजन के लिए सामान्य औसत क्षेत्रफल ज्वार का 15.07 लाख हेक्टेयर, बाजरा का 70.69 लाख हेक्टेयर, मक्का का 78.95 लाख हेक्टेयर, रागी का 11.5 लाख हेक्टेयर तथा स्माल मिलेट्स का 4.48 लाख हेक्टेयर नियत किया गया है।
अभी बिजाई सीजन का डेढ़ महीना ही समाप्त हुआ है जबकि इससे ज्यादा का समय बाकी है। किसानों में खेती के प्रति उत्साह है और मौसम तथा मानसून की हालत अनुकूल बनी हुई है। कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने से खेतों में पानी भर गया है जिससे वहां बिजाई की प्रक्रिया बाधित होने की आशंका है।
सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 सीजन के 2225 रुपए प्रति क्विंटल से 175 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जिससे किसान उत्साहित है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार मक्का का उत्पादन क्षेत्र पंचर्षीय औसत क्षेत्रफल से आगे निकल जाएगा।
