बकाया स्टॉक कम बचने की संभावना से ऑस्ट्रेलिया में चना का भाव तेज

23-Apr-2025 10:47 AM

ब्रिसबेन। हाल ही में एक सरकारी एजेंसी- ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) ने अपने निर्यात आंकड़े में भारी बढ़ोत्तरी करते हुए बाजार में जबरदस्त धमाका कर दिया।

इस एजेंसी ने पहले जनवरी 2025 में ऑस्ट्रेलिया से 395 लाख टन चना का निर्यात होने का अनुमान लगाया था जिसे अब बढ़ाकर 5.77 लाख टन नियत कर दिया है।

निर्यात अनुमान में हुई इस 1.82 लाख टन की वृद्धि ने ऑस्ट्रेलिया में चना के दाम को 100 डॉलर प्रति टन तक उछाल दिया। भारत के लिए चना के निर्यात का अनुमान काफी यानी लगभग 2.01 लाख टन बढ़ाया गया।

इस संशोधित आंकड़े में ऑस्ट्रेलिया में चना का बाजार अचानक काफी तेज हो गया और महज 10 दिनों के अंदर कीमत में 100 डॉलर प्रति टन की बढ़ोत्तरी हो गई। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई चना के दाम में आये इस भारी उछाल का मुख्य कारण इसकी निर्यात मांग में बढ़ोत्तरी होना नहीं है क्योंकि विभिन्न आयातक देशों में इसकी मांग तो हमेशा ही बनी रहती है।

कीमत में होने वाली वृद्धि की असली वजह वहां चना के बकाया स्टॉक में भारी गिरावट आना है। बेशक इस बार अबारेस ने ऑस्ट्रेलिया में चना का उत्पादन तेजी से उछलकर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है लेकिन भारत की जबरदस्त मांग के कारण इसके निर्यात की गति भी बहुत तेज रही।

उत्पादकों एवं निर्यातकों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया में चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में चना का स्टॉक घटकर उम्मीद से भी काफी नीचे आ सकता है। ये देश अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्यतः ऑस्ट्रेलियाई चना पर ही निर्भर रहते हैं।

भारत पर इस मूल्य वृद्धि का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि यहां चना के आयात की गति काफी धीमी पड़ गई है और घरेलू नए माल की जोरदार आवक भी हो रही है।