बकाया स्टॉक कम होने से सोयाबीन की कुल उपलब्धता में गिरावट

14-Feb-2025 05:19 PM

इंदौर । हालांकि एक अग्रणी उद्योग- व्यापार संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने सोयाबीन का घरेलू उत्पादन 2023-24 सीजन के 118.74 लाख टन से बढ़कर 2024-25 के सीजन में 125.82 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है मगर पिछला बकाया स्टॉक 24.07 लाख टन से घटकर 8.94 लाख टन रह जाने तथा संभावित आयात भी 6.25 लाख टन से गिरकर 3000 लाख टन पर सिमट जाने से सोयाबीन की कुल उपलब्धता 149.06 लाख टन से लुढ़ककर 137.76 लाख टन पर अटकने की संभावना व्यक्त की है। बेहतर उत्पादन के कारण विदेशों से सोयाबीन का आयात हो सकता है। 

सोपा के आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान 13 लाख टन सोयाबीन का  स्टॉक अगली बिजाई के लिए आरक्षित रखा जाएगा।

5 लाख टन का प्रत्यक्ष घरेलू उपयोग तथा 15 हजार टन का निर्यात होगा जबकि 115 लाख टन का स्टॉक क्रशिंग-प्रोसेसिंग के लिए मौजूद रहेगा। मार्केटिंग सीजन के अंत में 4.61 लाख टन सोयाबीन का अधिशेष स्टॉक बच सकता है। 

जहां तक सोयाबीन की बात है तो इसका पिछला बकाया स्टॉक 1.33 लाख टन रहा जबकि मार्केटिंग सीजन में 90.75 लाख टन का उत्पादन एवं 25 हजार टन का आयात होने की संभावना है।

इससे सोयामील की कुल उपलब्धता 92.33 लाख टन पर पहुंचेगी। इसमें 90 लाख टन का उपयोग होगा और मार्केटिंग सीजन के अंत में 2.33 लाख टन का अधिशेष स्टॉक बच जाएगा। 

सोपा के मुताबिक 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान देश से समुद्री एवं स्थलीय मार्ग से 15.50 लाख टन सोयामील का निर्यात होने का अनुमान है जबकि घरेलू प्रभाग में खाद्य उद्देश्य के लिए 8.50 लाख टन तथा फीड

निर्माण के लिए 66 लाख टन सोयामील का इस्तेमाल हो सकता है। 2023-24 के सीजन में सोयामील का कुल स्टॉक 98.08 लाख टन रहा था। लेकिन निर्यात बढ़कर 22.75 लाख टन पर पहुंच गया था।