बम्पर उत्पादन तथा कमजोर निर्यात से मूंगफली तेल का भाव नरम

26-Dec-2024 08:34 PM

राजकोट । आगामी महीनों के दौरान मूंगफली और इसके तेल की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है  क्योंकि एक तो इस बार मूंगफली का शानदार उत्पादन होने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं और दूसरे मूंगफली तेल का निर्यात प्रदर्शन कमजोर रहने की आशंका है। 

सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- गुजरात में मूंगफली का उत्पादन पिछले साल के 30-35 लाख टन से उछलकर  इस वर्ष 42-45 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंच जाने का अनुमान है।

सरकार ने इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1357 रुपए प्रति 20 किलो (6783 रुपए प्रति क्विंटल) निर्धारित किया है मगर थोक मंडियों में इसका भाव 1050-1200 रुपए प्रति 20 किलो के बीच ही चल रहा है।

इसे देखते हुए उत्पादकों ने आगे दाम बढ़ने की आशा से मूंगफली का स्टॉक रोकना शुरू कर दिया है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंगफली खरीदना आरंभ कर दिया है जिससे कीमतों में कुछ नरमी आने की उम्मीद है।

किसान सस्ते दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए तैयार नहीं है। इससे मिलर्स की कठिनाई बढ़ गई है क्योंकि मूंगफली तेल की घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर है। मूंगफली का भाव बढ़ने पर निर्यात और भी प्रभावित हो सकता है। 

भारतीय मूंगफली तेल का निर्यात ऑफर मूल्य करीब 900 डॉलर प्रति टन चल रहा है कि अफ्रीकी देशों के निर्यात 750-800 डॉलर प्रति टन की दर से अपना उत्पाद बेच रहे हैं।

घरेलू प्रभाग में मूंगफली तेल का दाम करीब 170 रुपए प्रति किलो चल रहा है जबकि आगामी समय में इसमें 5 से 8 रुपए तक की कमी आ सकती है।

चीन तथा अफ्रीकी देशों- नाइजीरिया, सूडान एवं घाना में उत्पादन बढ़ने से भारतीय मूंगफली का निर्यात प्रभावित हो रहा है।