बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर और भी घटने की संभावना

08-Apr-2025 12:15 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि देश के 161 प्रमुख बांधों- जला यों में उसकी कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले पिछले सप्ताह पानी का कुल वास्तविक भंडार घटकर 40 प्रतिशत से नीचे आ गया।

इसके तहत पूर्वी क्षेत्र में 37.6 प्रतिशत, मध्यवर्ती क्षेत्र में 45 प्रतिशत उत्तरी क्षेत्र में 23 प्रतिशत दक्षिणी क्षेत्र में 36.5 प्रतिशत और पश्चिमी क्षेत्र में भडारण क्षमता के सापेक्ष 48 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ था।

राष्ट्रीय स्तर पर इन 161 जलाशयों में पानी की कुल भंडारण क्षमता 182.375 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) की है जबकि गत सप्ताह उसमें केवल 72.91 बीसीएम पानी का स्टॉक उपलब्ध था। 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चालू माह यानी अप्रैल के दौरान देश के अधिकांश भागों में तापमान सामान्य स्तर से ऊंचा रहने तथा वर्षा सामान्य औसत से कम होने की संभावना व्यक्त की है

जिससे न केवल बांधों-जलाशयों में पानी के स्टॉक में और गिरावट आएगी बल्कि जायद फसलों को नुकसान भी हो सकता है। इन फसलों की बिजाई अंतिम चरण में पहुंच गई है लेकिन फरवरी-मार्च में जहां बिजाई हुई वहां फसलों को सिंचाई के लिए पानी की सख्त आवश्यकता है।

बढ़ती गर्मी से खेतों की मिटटी सूखती जा रही है जबकि मार्च से मई तक होने वाली मानसून-पूर्व की बारिश का भारी अभाव देखा जा रहा है।

इससे रबी फसलों पर भी आंशिक असर पड़ सकता है जिसकी कटाई-तैयारी अभी जारी है। देश के अनेक भागों में लम्बे समय से अच्छी बारिश नहीं हुई है।