चालू सीजन में सोयाबीन का आयात नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान
16-Jun-2026 10:35 AM
इंदौर। भारत में 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान सोयाबीन का कुल आयात तेजी से बढ़कर 9 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है जबकि 2024-25 के सीजन में मात्र 2 हजार टन का ही आयात हुआ था। दरअसल मांग एवं आपूर्ति के बीच भारी अंतर रहने तथा भाव ऊंचा होने से क्रशर्स-प्रोसेसर्स को विदेशों से विशाल मात्रा में सोयाबीन का आयात करना पड़ रहा है।
इंदौर स्थित एक अग्रणी संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के अनुसार मौजूदा मार्केटिंग सीजन में मई 2026 के अंत तक देश में सोयाबीन का आयात बढ़कर 6.50 लाख टन पर पहुंच गया। इसमें से अधिकांश मात्रा का आयात पिछले चार माह के दौरान किया गया।
सोपा के अनुसार यदि यही रुख बना रहा तो सितम्बर 2026 के अंत तक सोयाबीन का कुल आयात 9 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच सकता है। सोपा ने पहले 2025-26 सीजन में कुल 6 लाख टन सोयाबीन के आयात की संभावना व्यक्त की थी।
सोपा के कार्यकारी निदेशक का कहना है कि इससे पूर्व दो वर्ष पहले सोयाबीन का आयात 6.10 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था जबकि इस बार का आयात उसमें 30-35 प्रतिशत ज्यादा हो सकता है। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल बनी हुई है।
सोपा ने सोयाबीन की क्रशिंग का अनुमान 102 लाख टन से बढ़ाकर 104 लाख टन तथा सोयामील के निर्यात का अनुमान 10 लाख टन से बढ़ाकर 11 लाख टन निर्धारित कर दिया है। भारत में सोयाबीन का आयात मुख्यतः अफ्रीका महाद्वीप के उप सहारा क्षेत्र में अवस्थित अल्प विकसित देशों जैसे- नाइजर, टोगो एवं नाइजीरिया आदि से किया जाता है क्योंकि वहां गैर जीएम सोयाबीन का उत्पादन होता है।
