चीनी के आगामी उत्पादन में वृद्धि पर संदेह
10-Jun-2025 08:12 PM
नई दिल्ली। हालांकि उद्योग- व्यापार संगठनों द्वारा 2024-25 के मुकाबले 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है
और नेशनल फेडरशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज ने तो 350 लाख टन के उत्पादन की संभावना व्यक्त की है लेकिन जिस तरह के हालात बन रहे हैं उससे प्रतीत होता है कि चीनी का अगला उत्पादन उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ेगा।
गन्ना के बिजाई क्षेत्र में पिछले साल गिरावट आई थी, भले ही सरकार ने इसमें बढ़ोत्तरी का आंकड़ा बढ़ा दिया था। अब एक बार फिर बिजाई क्षेत्र खासकर उत्तर प्रदेश में काफी-पिछड़ गया है जबकि वह देश में गन्ना और चीनी का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।
हालांकि दूसरे और तीसरे नंबर के उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में गन्ना के बिजाई क्षेत्र में कुछ इजाफा हुआ है मगर अन्य प्रांतों में स्थिति संतोषजनक नहीं है।
मानसून की लुका छिपी जारी है जबकि तापमान काफी ऊंचे स्तर पर चल रहा है। इससे गन्ना की औसत उपज दर प्रभावित होने की आशंका है।
वैसे गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर के बारे में अभी कोई सटीक अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी क्योंकि मानसून अभी शुरूआती चरण में ही है और जुलाई-अगस्त में भारी वर्षा होने की उम्मीद की जा रही है।
यदि इन दो सर्वाधिक बारिश वाले महीनों में मानसून की अच्छी सक्रियता एवं गतिशीलता बनी रही तो चीनी की रिकवरी दर में सुधार आ सकता है।
2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान न केवल गन्ना की पैदावार में भारी गिरावट आ गई बल्कि चीनी की रिकवरी दर भी काफी घट गई।
