चीन के बंदरगाहों पर खाद्य तेलों के स्टॉक में वृद्धि
31-Dec-2024 07:26 PM
शंघाई । भारत की भांति चीन भी खाद्य तेलों का एक अग्रणी आयातक देश है वहां इंडोनेशिया एवं मलेशिया से पाम तेल, अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से सोयाबीन तेल, कनाडा एवं यूरोपीय संघ से रेपसीड कैनोला तेल तथा रूस यूक्रेन से सूरजमुखी तेल मंगाया जाता है।
इसके अलावा वहां ब्राजील तथा अमरीका से विशाल मात्रा में सोयाबीन तथा सोयामील का आयात भी होता है वास्तविकता तो यह है कि चीन दुनिया में सोयाबीन का सर्वाधिक आयात करने वाला देश है जो प्रति वर्ष लगभग 9-10 करोड़ टन सोयाबीन मंगाता है।
दुनिया के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ब्राजील से लगभग 70 प्रतिशत सोयाबीन का निर्यात अकेले चीन को किया जाता है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चीन के बंदरगाहों पर 20 नवम्बर की तुलना में 27 दिसम्बर 2024 को पाम तेल का स्टॉक 46,500 टन से 2200 टन या 4.7 प्रतिशत बढ़कर 48,700 टन, सोयाबीन तेल का स्टॉक 83,100 टन से 2000 टन या 2.40 प्रतिशत सुधरकर 85,100 टन तथा रेपसीड तेल का स्टॉक 45,600 टन से 1500 टन या 3.30 प्रतिशत सुधरकर 47,100 टन पर पहुंचा।
इसके अलावा वहां सोयाबीन का स्टॉक 5.17 लाख टन से 23 हजार टन का 4.40 प्रतिशत बढ़कर 5.40 लाख टन तथा सोयामील का स्टॉक 50,500 टन से 10,500 टन या 20.80 प्रतिशत उछलकर 61,000 टन पर पहुंच गया।
इस तरह चीन के बंदरगाहों पर खाद्य तेलों, तिलहन तथा ऑयल मील का स्टॉक 20 नवम्बर के 7,42,660 टन से 39150 टन या 5.30 प्रतिशत बढ़कर 27 दिसम्बर को 7,81,810 टन पर पहुंचा। तिलहन एवं डीओसी के संवर्ग में सिर्फ सोयाबीन एवं सोयामील शामिल है
जबकि वहां अन्य तिलहनों एवं उससे निर्मित डीओसी का भी आयात होता है। ध्यान देने की बात है कि स्वदेशी उत्पादन के साथ चीन में सोयाबीन की कुल उपलब्धता 11-12 करोड़ टन पर पहुंच जाती है जिससे विशाल मात्रा में खाद्य तेल एवं ऑयल मील का उत्पादन होता है।
