News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत में जौ आउटलुक: स्थिर मांग के बीच उत्पादन में सीमित वृद्धि

06-Apr-2026 03:35 PM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत में जौ आउटलुक: स्थिर मांग के बीच उत्पादन में सीमित वृद्धि
★ पिछले कुछ वर्षों में भारत का जौ बैलेंस शीट अपेक्षाकृत स्थिर लेकिन हल्की वृद्धि का संकेत देता है, जहां उत्पादन और मांग दोनों धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं।
2021-22 से 2025-26 के बीच जौ का उत्पादन लगभग 16.5 लाख टन से बढ़कर 18.6 लाख टन तक पहुंच गया है। हालांकि यह वृद्धि मक्का जैसी तेज नहीं है, लेकिन लगातार सुधार का संकेत देती है।
★ जौ की मांग मुख्य रूप से माल्टिंग इंडस्ट्री (बीयर, शराब), पशु चारा और खाद्य उपयोग से आती है। हाल के वर्षों में इन क्षेत्रों में स्थिर मांग के कारण खपत भी बढ़ी है, जो लगभग 17 लाख टन से बढ़कर 21 लाख टन तक पहुंच गई है।
★ हालांकि, उत्पादन की तुलना में खपत अधिक तेजी से बढ़ने के कारण:
★ आयात में वृद्धि देखने को मिली है (0.48 से बढ़कर 2.5 लाख टन तक), स्टॉक स्तर सीमित बने हुए हैं, बाजार में सप्लाई टाइट रहने की स्थिति बन रही है
★ आने वाले समय में जौ उत्पादन में मध्यम वृद्धि की संभावना है, जिसके प्रमुख कारण माल्टिंग इंडस्ट्री की स्थिर मांग, पशु चारा सेक्टर में उपयोग और सिमित लेकिन बढ़ती औद्योगिक खपत
★ भारत का जौ बाजार फिलहाल संतुलित लेकिन टाइट सप्लाई की स्थिति में है, जहां मांग उत्पादन से थोड़ी आगे निकल रही है।
★ उत्पादन में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है, लेकिन बढ़ती खपत के कारण आयात और स्टॉक प्रबंधन अहम भूमिका निभाते रहेंगे।