उत्पादन की तुलना में खपत कम होने से बढ़ा गेहूं का स्टॉक

06-Apr-2026 04:27 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अनुमान के अनुरूप अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने भारत में गेहूं का उत्पादन 2024-25 सीजन के 1132.90 लाख टन से बढ़कर 2025-26 के सीजन में 1179.50 लाख टन पर पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की जिससे पूर्व भारत में 2023-24 के सीजन में 1105.50 लाख टन, 2022-23 में 1040 लाख टन तथा 2021-22 के सीजन में 1095.86 लाख टन गेहूं का उत्पादन आंका गया था।

पिछले चार-पांच साल से गेहूं के घरेलू उत्पादन में नियमित रूप से इजाफा हो रहा है। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने चालू वर्ष के दौरान गेहूं का उत्पादन 1202.10 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है।  

उस्डा की रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 सीजन के दौरान भारत में 118 लाख टन गेहूं के बकाया स्टॉक तथा 1179.50 लाख टन पर पहुंची जिसमें विदेशों से आयात भी शामिल है।

इसमें से 1125.10 लाख टन का घरेलू उपयोग तथा 2.50 लाख टन का निर्यात होने का अनुमान है और मार्केटिंग सीजन के अंत में 172.40 लाख टन गेहूं का अधिशेष स्टॉक बच गया। 

2026-27 का रबी मार्केटिंग सीजन 1 अप्रैल से विधिवत आरंभ हो चुका है और गेहूं के नए माल की आवक तथा खरीद-बिक्री पहले से ही हो रही है जो कमोबेश जून के अंत तक जारी रहेगी।

इस बार बिजाई क्षेत्र में 6.13 लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई लेकिन मौसम में अब कुछ गड़बड़ी हो रही है। इससे फसल को थोड़ा-बहुत नुकसान होने की आशंका है। कहीं-कहीं इसकी क्वालिटी भी प्रभावित हो रही है।