चीनी का घरेलू उत्पादन 350 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान
21-Jul-2025 04:50 PM
नई दिल्ली। एक तरफ संसार के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ब्राजील में चीनी के उत्पादन में गिरावट का माहौल बना हुआ है तो दूसरी ओर भारत में अगले सीजन के दौरान उत्पादन में जोरदार वृद्धि होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
उद्योग- व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों का कहना है कि इस बार प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में मानसून की अच्छी बारिश हो रही है और इसके बिजाई क्षेत्र में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। गन्ना की पैदावार बढ़ने से चीनी के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती है।
शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) के मुताबिक 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन 17.5 प्रतिशत घटकर 262 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान है जो पिछले पांच वर्ष में सबसे कम है।
जून में मानसून की बारिश सामान्य औसत से 9 प्रतिशत अधिक हुई और जुलाई में भी दीर्घकालीन औसत से अधिक वर्षा होने की संभावना है। इससे गन्ना की फसल को फायदा हो सकता है।
न्यूयार्क एवं लन्दन एक्सचेंज में क्रमश: कच्ची चीनी तथा सफेद चीनी के वायदा मूल्य में सुधार आने लगा है। अगर इसका सिलसिला जारी रहा तो भारत से चीनी के निर्यात का परिदृश्य बेहतर हो सकता है। पहले वैश्विक बाजार भाव नीचे होने से निर्यात की गति धीमी चल रही थी।
एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी तथा एक उद्योग संस्था ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में चीनी का स्टॉक उत्पादन 18-19 प्रतिशत उछलकर 340-350 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है। यदि उसमें से 40 लाख टन का उपयोग एथनॉल निर्माण में हुआ तो भी खाद्य उद्देश्य के लिए 300-310 लाख टन चीनी का स्टॉक बच सकता है।
चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में बाकी 30 सितम्बर 2025 को उद्योग के पास 50-52 लाख टन चीनी का बकाया अधिशेष स्टॉक मौजूद रहने का अनुमान है जबकि 300-310 लाख टन के उत्पादन से इसकी कुल उपलब्धता 350-360 लाख टन पर पहुंच सकती है जो घरेलू मांग एवं खपत से काफी अधिक होगी।
