चीन की कमजोर मांग से जीरा में तेजी का अभाव
06-Jun-2025 07:56 PM
राजकोट। पहले यह कयास लगाया जा रहा था कि चीन के आयातक भारतीय जीरे के दाम में नरमी आने का इंतजार कर रहे हैं। भारत में जीरे की नई फसल आ गई और कीमत भी नरम पड़ गई मगर चीन की मांग सुस्त ही बनी रही।
अब तुर्की- सीरिया एवं ईरान अफगानिस्तान में जीरे के नए माल के आने का समय हो गया है और इससे भारतीय निर्यातकों की चिंता बढ़ने लगी है।
बेशक इन देशों के जीरे की क्वालिटी भारतीय उत्पाद से कमजोर होती है मगर उसका दाम नीचे रहता है और इसलिए विदेशी आयातक उसकी अच्छी खरीद करते हैं। इसमें चीन भी शामिल रहता है।
इन देशों में नया माल आने पर वैश्विक निर्यात बाजार में भारत के लिए चुनौती और प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है। स्वयं चीन में जीरे की नई फसल अगले महीने से आने लगेगी इसलिए भारतीय बाजार में उसके सक्रिय होने में संदेह है।
गुजरात की ऊंझा मंडी में 10-12 हजार बोरी जीरे की औसत दैनिक आवक हो रही है और मांग के अभाव में इसका कारोबार सुस्त एवं भाव नरम देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों के दौरान कीमतों में मंदी का माहौल देखा गया।
दिसावरी व्यापारियों एवं डीलर्स के साथ-साथ निर्यातकों की दिलचस्पी भी जीरे की खरीद में घट गई है। जीरे के दाम में आई गिरावट से उत्पादकों के साथ-साथ व्यापारी भी चिंतित हैं। निकट भविष्य में जीरे के दाम में तेज उछाल आने की संभावना नहीं है। वैसे चीन में उत्पादन कुछ घटने का अनुमान है।
