Home News
01-Oct-2026 12:31 PM
नई दिल्ली। सरकार ने टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) प्रणाली के अंतर्गत 10 लाख टन कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति प्रदान की थी और विभिन्न मिलर्स / रिफाइनर्स को आयात का कोटा भी आवंटित किया था। बाद में मिलर्स को यह सुविधा दी गई कि जिस कोटे का इस्तेमाल नहीं हुआ उसे वह सरकार को वापस लौटा सकता है ताकि अन्य मिलर्स / रिफाइनर्स को उस कोटे का आवंटन किया जा सके।
अब विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक बार फिर गैर इस्तेमाल हुए चीनी के आयात कोटे को वापस लौटाने (सरेंडर करने) की समय सीमा को 15 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है। सरकार ने पहले 31 अक्टूबर 2026 तक चीनी के सम्पूर्ण कोटे का आयात करने की स्वीकृति दी थी।
डीजीएफटी द्वारा जारी एक सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि टीआरक्यू के कोटा धारक अपनी आवंटित मात्रा के किसी भी भाग का सरेंडर कर सकते हैं। यदि उसे लगता है कि वह सम्पूर्ण आवंटित कोटे में से किसी मात्रा की चीनी का आयात करने में सक्षम नहीं हो पाएगा अथवा उसका आयात करना उसके लिए लाभप्रद साबित नहीं होगा तो वह उस मात्रा को 15 अक्टूबर 2026 तक सरेंडर कर सकता है।
लेकिन इसके लिए कोटा धारकों को चीनी के निर्यात मूल्य (जितनी मात्रा का सरेंडर किया जा रहा है) के 0.5 प्रतिशत की राशि के साथ कोटे का सरेंडर करना होगा। इसका आंकलन चीनी के दाम, परिवहन खर्च एवं बीमा व्यय के साथ किया जाएगा। इस तरह का नियम पहले से ही निर्धारित है।