Home News

तेलंगाना में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल 125.85 लाख एकड़ पर पहुंचा

01-Oct-2026 12:05 PM

तेलंगाना में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल 125.85 लाख एकड़ पर पहुंचा

हैदराबाद। धान, कपास एवं मक्का के अग्रणी उत्पादक राज्यों में शामिल तेलंगाना में इस वर्ष मानसूनी बारिश की कमी के कारण 30 सितम्बर तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 125.85 लाख एकड़ पर पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 133.25 लाख एकड़ से 7.40 लाख एकड़ कम है। इस गिरावट में धान के रकबे का योगदान सबसे ज्यादा है।

राज्य कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल की तुलना में वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान तेलंगाना में धान एवं मोटे अनाजों का संयुक्त उत्पादन क्षेत्र 74.16 लाख एकड़ से लुढ़ककर 63.13 लाख एकड़ रह गया। इसके तहत धान का उत्पादन क्षेत्र 62.33 लाख एकड़ से घटकर 56.80 लाख एकड़ तथा मक्का का रकबा 6.46 लाख एकड़ से गिरकर 5.93 लाख एकड़ पर अटक गया। ज्वार का क्षेत्रफल 35-36 हजार एकड़ पर स्थिर रहा। 

लेकिन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 5.86 लाख एकड़ से उछलकर 7.98 लाख एकड़ पर पहुंच गया। इसके तहत अरहर (तुवर) का बिजाई क्षेत्र 4.92 लाख एकड़ से बढ़कर 5.58 लाख एकड़, मूंग का क्षेत्रफल 62 हजार एकड़ से उछलकर 1.61 लाख एकड़ तथा उड़द का रकबा 31 हजार एकड़ से बढ़कर 74 हजार एकड़ पर पहुंच गया। दलहन फसलों की बिजाई समाप्त हो चुकी है। 

तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी 3.76 लाख एकड़ से सुधर कर 3.97 लाख एकड़ पर पहुंचा। इसमें मुख्यतः सोयाबीन की भागीदारी रही। वहां सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 3.62 लाख एकड़ से बढ़कर 3.72 लाख एकड़ पर पहुंच गया। इसके साथ-साथ मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 12 हजार एकड़ से बढ़कर 20 हजार एकड़ हो गया। अरंडी की बिजाई भी बढ़ी है। 

तेलंगाना में कपास का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 46 लाख एकड़ से उछलकर इस बार 48.33 लाख एकड़ पर पहुंच गया। राज्य में खरीफ फसलों की बिजाई का अभियान समाप्त हो गया है।