चीनी का उत्पादन 55-60 लाख टन घटने के बावजूद संकट की स्थिति नहीं बनेगी
21-Mar-2025 06:22 PM
नई दिल्ली। शीर्ष उद्योग- संस्था- इस्मा ने कहा है कि बेशक चीनी का घरेलू उत्पादन 2023-24 सीजन के 319 लाख टन से घटकर 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 264 लाख टन पर सिमट जाने का अनुमान है लेकिन 80 लाख टन के पिछले बकाया स्टॉक को देखते हुए इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहेगी और इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।
इस्मा ने आगाह किया है कि अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए क्योंकि कुछ वर्ग उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका व्यक्त करके चीनी का बाजार भाव बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं ताकि उन्हें मोटा मुनाफा कमाने का अवसर मिल सके।
इस्मा के अनुसार 80 लाख टन के बकाया स्टॉक एवं 264 लाख टन के संभावित उत्पादन के साथ चीनी की कुल उपलब्धता 344 लाख टन पर पहुंचेगी।
इसमें से 280 लाख टन का घरेलू उपयोग तथा 10 लाख टन का निर्यात होगा और मार्केटिंग सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2025 को उद्योग के पास 54 लाख टन का बकाया अधिशेष स्टॉक मौजूद रहेगा।
चालू मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर 2024 से 15 मार्च 2025 के दौरान देश में करीब 238 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ जबकि 15 मार्च तक 200 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग जारी थी।
हालांकि दो अग्रणी उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र एवं कर्नाटक की अधिकांश इकाइयां बंद हो चुकी हैं मगर कर्नाटक और तमिलनाडु में जुलाई- अगस्त के दौरान आगामी क्रशिंग का विशेष सत्र आयोजित होगा जिससे चीनी का उत्पादन बढ़ेगा। इसके अलावा 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में गन्ना एवं चीनी का बेहतर उत्पादन होने की उम्मीद है।
इस बार न केवल गन्ना की पैदावार कम हुई बल्कि चीनी की औसत रिकवरी दर में भी कमी देखी जा रही है। मार्केटिंग सीजन के दौरान 10 लाख टन चीनी का निर्यात होने से मिलर्स की वित्तीय स्थिति सुधरेगी और गन्ना किसानों को भुगतान करने में आसानी होगी।
