चीनी का उत्पादन घरेलू खपत से कम होने का अनुमान

18-Apr-2026 11:53 AM

नई दिल्ली। गन्ना की आपूर्ति एवं उपलब्धता, क्रशिंग की गति एवं मिलों के बंद होने की रफ्तार को देखते हुए स्पष्ट आभास होता है कि पिछले साल की भांति चालू मार्केटिंग सीजन में भी चीनी का उत्पादन घरेलू मांग एवं खपत से कम होगा।

दोनों शीर्ष उद्योग संगठनों- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) तथा नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) के आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष 15 अप्रैल तक देश में लगभग 275 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ जबकि आगामी समय में 3-4 लाख टन का और उत्पादन हो सकता है। कुल मिलाकर 2025-26 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन में चीनी का सकल उत्पादन 280 लाख टन से कम या इसके आसपास हो सकता है। 

दूसरी ओर चीनी की घरेलू मांग एवं खपत नीचे में 285 लाख टन से लेकर ऊपर में 295 लाख टन के बीच होने की संभावना है। इस तरह चीनी की मांग एवं आपूर्ति के बीच 5 से 15 लाख टन तक का अंतर रह सकता है

जिससे इसके अंतिम बकाया अधिशेष स्टॉक पर दबाव पड़ेगा। चिंता की बात यह है कि 2026-27 के मार्केटिंग सीजन में भी चीनी का उत्पादन घटने की आशंका है क्योंकि अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव से मानसूनी वर्षा कम होने पर गन्ना की पैदावार घट सकती है।

सरकार द्वारा 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के लिए 15 लाख टन से अधिक चीनी के निर्यात की अनुमति दी गई है जिसमें से 6 लाख टन से अधिक का निर्यात अनुबंध हो चुका है।

यदि सीजन के अंत तक 8-10 लाख टन का भी शिपमेंट हो जाता है तो मिलों के पास चीनी का कुल स्टॉक घटकर 2024-25 सीजन के स्तर से नीचे आ सकता है। 2025-26 के मौजूदा सीजन में बाजार की स्थिति कुछ हद तक सामान्य रह सकती है लेकिन 2026-27 के सीजन में जटिलता बढ़ने की संभावना है।