चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट के बावजूद आपूर्ति की स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद
07-Apr-2025 01:31 PM
मुम्बई। देश भर में अधिकांश चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग समाप्त हो चुकी है और शेष बची इकाइयों के भी जल्दी ही बंद हो जाने की संभावना है।
नियत समय से काफी पहले ही चीनी का उत्पादन सीजन समाप्त हो जाएगा उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विभिन्न संगठनों ने 2023-24 की तुलना में 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी के उत्पादन में कुल 319-320 लाख टन चीनी का उत्पादन आंका गया था
जिसके मुकाबले चालू सीजन में इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने 264 लाख टन, नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) ने 259 लाख टन तथा ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (आईस्टा) ने 254 लाख टन चीनी के उत्पादन की संभावना व्यक्त की है।
हलांकि इस्मा ने आंकड़ों के हवाले से कहा है कि 2024-25 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन के दौरान देश में चीनी की मांग एवं आपूर्ति के बीच बेहतर संतुलन बना रहेगा और अगले सीजन में बेहतर उत्पादन के साथ स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी
लेकिन कुछ वर्ग को लगता है कि चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति आगामी महीनों में और खासकर त्यौहारी सीजन के दौरान कुछ हद तक जटिल रह सकती है।
दरअसल एनएफसीएसएफ तथा आईस्टा का मानना है कि चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2025 को उद्योग के पास चीनी का बकाया अधिशेष स्टॉक घटकर 50 लाख टन से नीचे आ जाएगा
इसलिए अक्टूबर-नवम्बर 2025 के त्यौहारी महीनों में इसकी कम उपलब्धता एवं जोरदार मांग के कारण असंतुलन की हालत बन सकती है और कीमतों में तेजी का माहौल बन सकता है।
चीनी का भाव पहले से ही गत वर्ष की तुलना में ऊंचा चल रहा है। अक्टूबर से गन्ना क्रशिंग का नया सीजन औपचारिक तौर पर आरंभ होता है मगर चीनी का उत्पादन मध्य नवम्बर के बाद ही जोर पकड़ता है।
यदि अक्टूबर-नवम्बर में फ्री सेल कोटा बढ़ाया गया तो उद्योग के पास चीनी का स्टॉक घटकर नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ सकता है।
इस बीच मौसम विभाग ने अप्रैल-जून 2025 की तिमाही में मौसम अत्यन्त गर्म रहने तथा हीट वेव चलने की आशंका जताई है जिससे खासकर चीनी की औद्योगिक मांग में जोरदार बढ़ोत्तरी हो सकती है।
