चीनी के उत्पादन में गिरावट की भरपाई अगले सीजन में पूरी होने की उम्मीद
08-May-2025 08:43 PM
मुम्बई। भारत में 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी का उत्पादन काफी घटने की संभावना है क्योंकि गन्ना की आपूर्ति कम होने तथा सुक्रोज की रिकवरी दर में गिरावट आने से उत्पादन प्रभावित हुआ।
चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल (गन्ना) प्राप्त नहीं हुआ इसलिए उत्पादन का सीजन भी नियत समय से पहले ही समाप्त हो गया।
2023-24 के सीजन में लगभग 319 लाख टन चीनी का शुद्ध घरेलू उत्पादन हुआ था जो 2024-25 में घटकर 260-261 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान है। देश की लगभग सभी चीनी मिलें या तो बंद हो चुकी हैं या शीघ्र ही बंद होने वाली हैं।
इसके बाद जुलाई-अगस्त में कर्नाटक तथा तमिलनाडु की कुल मिलों में गन्ना क्रशिंग का नया विशेष सत्र आयोजित होगा और उसमें करीब 4 लाख टन तक चीनी का उत्पादन होने की उम्मीद है। 260-261 लाख टन के कुल अनुमानित उत्पादन में वह विशेष सत्र का उत्पादन भी शामिल है।
लेकिन 2025-26 के नए मार्केटिंग सीजन में चीनी का घरेलू उत्पादन सुधरने के आसार हैं क्योंकि एक तो गन्ना के बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है और दूसरे अच्छी वर्षा एवं मौसम की अनुकूल स्थिति से फसल की हालत भी बेहतर रहने की आशा है।
यदि अगला उत्पादन बेहतर हुआ तो घरेलू प्रभाग में चीनी का कोई संकट नहीं रहेगा। गन्ना क्रशिंग का नया सीजन औपचारिक तौर पर अक्टूबर 2025 से आरंभ होगा जबकि रफ्तार नवम्बर से बढ़ेगी।
2024-25 के सीजन में 260 लाख टन के उत्पादन एवं करीब 79 लाख टन के बकाया स्टॉक के साथ चीनी की कुल उपलब्धता 339 लाख टन पर पहुंचेगी जिसमें से 280 लाख टन की घरेलू खपत एवं 10 लाख टन का निर्यात होगा और 30 सितम्बर 2025 को 49 लाख टन का अशिशेष स्टॉक बचेगा।
यह मोटा अनुमान है। यदि चीनी की घरेलू खपत 290 लाख टन पर पहुंची तो बकाया स्टॉक में और भी गिरावट आ सकती है। वैसे चीनी का निर्यात 7-8 लाख टन तक ही पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
