चीनी के वैश्विक बाजार मूल्य में सुधार आने से भारत को फायदा होने की उम्मीद

21-Jul-2025 03:42 PM

मुम्बई। चीन सहित कुछ अन्य देशों की मजबूत मांग के सहारे वैश्विक बाजार में चीनी का भाव सुधर रहा है। अक्टूबर डिलीवरी के लिए न्यूयार्क एक्सचेंज में कच्ची चीनी का वायदा भाव 0.12 सेंट प्रति पौंड या 0.72 प्रतिशत सुधरकर अब डेढ़ माह तथा लंदन एक्सचेंज में सफेद चीनी का वायदा मूल्य 4.30 डॉलर प्रति टन या 0.89 प्रतिशत सुधरकर पिछले पौने दो माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। 

चीन में जून माह के दौरान चीनी का आयात 14 गुणा से अधिक उछलकर 4.20 लाख टन पर पहुंच गया। अमरीकी राष्ट्रपति के अनुसार कोका कोला कम्पनी अमरीका में बेचे जाने वाले कोक पेय पदार्थ (वेवरेज) में उच्च फ्रक्टोज वाले मक्का सीरप के बजाए गन्ना से निर्मित चीनी उपयोग करने पर सहमत हो गई है जिससे घरेलू प्रभाग में चीनी की वार्षिक खपत 110 लाख टन के वर्तमान स्तर से 5 लाख टन या 4.4 प्रतिशत बढ़कर 115 लाख टन पर पहुंच जाने की उम्मीद है।   

ब्राजील में उत्पादन घटने से भी चीनी के दाम को समर्थन मिल रहा है। चीनी के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ब्राजील की शीर्ष उद्योग संस्था-यूनिका की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान जून के अंत तक देश के मध्य दक्षिणी भाग में चीनी का उत्पादन 14.3 घटकर 122.49 लाख टन पर सिमट गया।

पिछले महीने ब्राजील की सरकारी एजेंसी- कोनाब ने कहा था कि 2024-25 सीजन के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन 3.4 प्रतिशत गिरकर 441.18 लाख टन रह गया क्योंकि अत्यन्त शुष्क एवं गर्म मौसम तथा सूखे की वजह से गन्ना की उपज दर घट गई थी। 

उल्लेखनीय है कि पिछले तीन माह से चीनी के वैश्विक बाजार मूल्य में नरमी का माहौल बना हुआ था। चालू माह के आरंभ में चीनी का वायदा भाव न्यूयार्क एक्सचेंज में लुढ़ककर सवा चार साल तथा लन्दन एक्सचेंज में घटकर करीब 4 वर्ष के निचले स्तर पर आ गया था। लेकिन अब इसमें सुधार के लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं। एक अग्रणी बहुराष्ट्रीय व्यापारिक फर्म ने 2025-26 सीजन के लिए चीनी का वैश्विक अधिशेष 75 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया है।

उधर अमरीकी कृषि विभाग ने अपनी द्विवार्षिक रिपोर्ट में 2025-26 सीजन के दौरान चीनी का वैश्विक उत्पादन 4.7 प्रतिशत बढ़कर 1893.18 लाख टन पहुंचने का अनुमान लगाया है और सीजन के अंत में इसका बकाया अधिशेष स्टॉक 7.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 411.88 लाख टन पर पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की है। इससे कीमतों पर काफी दबाव पड़ रहा था।