चीन में भारतीय कॉटन यार्न के निर्यात में जोरदार वृद्धि
18-Aug-2026 05:09 PM
मुम्बई। भारत से चीन को कॉटन यार्न का निर्यात करीब तीन गुणा बढ़ गया है जिससे चाइनीज बाजार में भारतीय उत्पाद की भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है इससे भारतीय कॉटन स्पिनर्स को भारी प्रोत्साहन मिल रहा है। वैसे चाइनीज मिलों के पास वर्तमान समय कॉटन यार्न का भारी-भरकम स्टॉक मौजूद है जिससे उसकी मांग आगे कुछ कमजोर पड़ सकती है।
चाइनीज कॉटन यार्न मार्केट में भारत की हिस्सेदारी 7 प्रतिशत से उछलकर 21 प्रतिशत पर पहुंच गई है। भारत के कॉटन यार्न का मूल्य प्रतिस्पर्धी स्तर पर रहता है जबकि डॉलर के मुकाबले रुपया काफी कमजोर हो गया है। उधर चीन में वस्त्र उद्योग के लिए कच्चे माल के आयात पर सीमा शुल्क को घटाने का रणनीतिक निर्णय लिया गया है जो पूरे वर्ष तक प्रभावी रहने की संभावना है। इससे टैक्सटाइल मिलों को यार्न के आयात में आसानी हो रही है।
चीन के घरेलू प्रभाग में कॉटन यार्न का भाव ऊंचा होने से मिलर्स की दिलचस्पी सस्ते भारतीय उत्पाद के आयात में बढ़ रही है। इधर भारत में कपास का बिजाई क्षेत्र चालू खरीफ सीजन में 107.33 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है जो गत वर्ष की समान अवधि के क्षेत्रफल 108.27 लाख हेक्टेयर से 94 हजार हेक्टेयर कम है। बिजाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। उत्तरी क्षेत्र की मंडियों में सितम्बर से तथा अन्य भागों में अक्टूबर से नई रूई की आवक आरंभ होगी।
