सितम्बर में वर्षा की कमी का अंतर बढ़ने की संभावना
18-Aug-2026 07:40 PM
नई दिल्ली। अल नीनो मौसम चक्र लगातार मजबूत एवं उग्र होता जा रहा है जिससे भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल तथा दशा प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि फिलहाल देश के कुछ भागों में बारिश का दौर जारी है लेकिन अगस्त के अंत तक इसके समाप्त हो जाने की संभावना है। इसके फलस्वरूप सितम्बर में वर्षा का काफी हद तक अभाव रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
यूरोपियन वेदर एजेंसी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून पर अल नीनो के प्रभाव के कारण सितम्बर में वर्षा की कमी महसूस हो सकती है। यद्यपि भारत में जुलाई-अगस्त के दौरान मानसून की हालत बेहतर रही और इस बार अल नीनो वाले वर्षों में मानसून का प्रदर्शन सबसे अच्छी स्थिति में से एक माना जा रहा है। लेकिन सितम्बर में वर्षा का अभाव होने पर खरीफ फसलों को थोड़ा-बहुत नुकसान हो सकता है। विभिन्न फसलों के बिजाई क्षेत्र में कमी-वृद्धि हुई है और अभी तक उसकी हालत सामान्य या संतोषजनक बनी हुई है।
मौसम एजेंसी के मुताबिक इस वर्ष मध्य सितम्बर से मानसून की वापसी यात्रा आरंभ होने की संभावना है। मानसून सर्व प्रथम देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र से प्रस्थान करता है एक प्राइवेट मौसम एजेंसी इस वर्ष देश में दीर्घकालीन औसत के सापेक्ष मानसून की बारिश 85 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया है। 16 अगस्त तक वर्षा की कमी 13 प्रतिशत रही थी। सितम्बर में सूखा पड़ने के 70 प्रतिशत आसार व्यक्त किए जा रहे है।
