चीन में भारतीय टूटे चावल का आयात पुनः शुरू

17-Apr-2026 10:42 AM

नई दिल्ली। पहले अनेक खेपों को अस्वीकार करने के बाद चीन ने अब भारत से टुकड़ी चावल का आयात पुनः शुरू कर दिया है क्योंकि यह सबसे आकर्षक एवं प्रतिस्पर्धी मूल्य पर उपलब्ध हो रहा है। ज्ञात हो कि चीन ने पहले शिकायत की थी कि भारत से आयातित अनाज की खेप में जीएम चावल का अंश मौजूद है जबकि हकीकत यह है कि भारत में जीएम (जेनेटिकली मोडिफाइड) चावल का उत्पादन ही नहीं होता है। 

भारतीय चावल तो सस्ते दाम पर उपलब्ध हो रहा है मगर इसका शिपमेंट खर्च काफी बढ़ गया है। दरअसल पश्चिम एशिया में उत्पादन संकट के कारण उस बंकर ईंधन की कीमतों में 50 प्रतिशत का भारी इजाफा हो गया है जो जहाजों को शक्ति (चलने की क्षमता) देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 

राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष का कहना है कि चीन के साथ-साथ पश्चिम एशिया के देशों में भी भारत से चावल का निर्यात शुरू हो गया है। भारतीय टुकड़ी चावल का फ्री ऑन बोर्ड (एफओबी) औसत इकाई निर्यात ऑफर मूल्य 300-310 डॉलर प्रति टन के बीच चल रहा है लेकिन बंकर ईंधन के दाम में वृद्धि होने से कंटेनर का किराया भाड़ा ऊंचा हो गया है। 

एक अग्रणी निर्यातक फर्म के अनुसार 20 फुट वाले कंटेनर का किराया बढ़कर 75-80 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया है जबकि अभी कोई युद्ध अधिभार (वार सरचार्ज) भी नहीं लग रहा है। ईरान-अमरीका युद्ध का भारत से गैर बासमती चावल के निर्यात पर कोई खास असर नहीं पड़ा है लेकिन बासमती चावल के शिपमेंट में कठिनाई हो रही है।